दिल्ली में फर्जी पुलिस और अधिकारियों के बढ़ते मामलों पर सुरक्षा एडवाइजरी जारी

दिल्ली और आसपास के इलाकों में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने की घटनाओं में तेजी आई है। इसे लेकर अधिकारियों ने सख्त चेतावनी जारी की है। हाल ही में दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में तीन लोगों को पुलिस अधिकारी बनकर घूमने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। फर्जी पुलिसकर्मी लोगों को डराने के लिए नकली गिरफ्तारी वारंट और हिरासत में लेने की धमकी देते हैं। यह लोग सार्वजनिक स्थानों पर लोगों से पूछताछ करने के लिए रौबदार भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
28 सितंबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने भलिंदर पाल सिंह उर्फ मिस्टर नटवरलाल को गिरफ्तार किया, जिस पर 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी ने व्हाट्सएप पर फर्जी अशोक स्तंभ का उपयोग करके एक व्यवसायी के साथ धोखाधड़ी की थी। इसी तरह 29 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में अमित कुमार बालहारा को गिरफ्तार किया गया। वह खुद को आईपीएस और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर एक 29 साल के पीएचडी छात्र से शादी और सरकारी नौकरी का झांसा देकर करीब 30 लाख रुपये ठग चुका है।
ठगी के इन मामलों के अलावा 'डिजिटल अरेस्ट' के फर्जीवाड़े भी सामने आ रहे हैं। इसमें ठग फोन कॉल करके लोगों को डराते हैं कि उनके आधार कार्ड जैसे दस्तावेज का गलत इस्तेमाल हुआ है। सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने सलाह दी है कि अगर कोई बिना वर्दी के अधिकारी बनकर आता है तो लोग उसका आधिकारिक पहचान पत्र मांगें।
अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बिना किसी वैध कारण के पार्कों में लोगों से पूछताछ नहीं कर सकती है। यदि कोई संदिग्ध घटना होती है तो तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन करें। लोग मोबाइल के एसओएस फीचर का इस्तेमाल करें या फिर किसी भीड़भाड़ और रोशनी वाली जगह पर चले जाएं। पुलिस ने याद दिलाया है कि विशेष इकाइयां सादे कपड़ों में काम कर सकती हैं, लेकिन वे इस तरह आम जनता के पास नहीं जाती हैं।