दिल्ली पुलिस ने मुखर्जी नगर छेड़छाड़ मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र को मुख्य संदिग्ध के रूप में पहचाना

दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में दो छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय के एक छात्र को मुख्य संदिग्ध के रूप में पहचान लिया है। यह घटना बुधवार, 23 सितंबर 2026 को रात करीब 9:30 बजे हकीकत पार्क के पास हुई। पीड़ितों में से एक हिंदू कॉलेज की स्नातकोत्तर छात्रा है।
पीडि़तों के अनुसार, सफेद रंग की टाटा सफ़ारी एसयूवी, जिसका पंजीकरण नंबर DL11CF4447 है, उसमें सवार लोगों ने उन पर भद्दी टिप्पणियां और गंदी गालियां दीं। उन्होंने दोनों छात्राओं को जबरन गाड़ी में खींचने की कोशिश भी की। इस मामले में मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन में 23 और 24 सितंबर 2026 की दरमियानी रात को एफआईआर दर्ज की गई, जिसका नंबर FIR No. 390/26 है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 यानी पीछा करना, धारा 79 यानी महिला की गरिमा को ठेس पहुंचाने वाला शब्द या कृत्य, और धारा 3(5) यानी सामान्य आशय के तहत मामले दर्ज किए हैं। उत्तर-पश्चिम की डीसीपी आकांक्षा यादव ने पुष्टि की है कि पुलिस ने वाहन को उसके पंजीकृत मालिक तक ट्रेस कर लिया है।
ड्राइवर की पहचान नमन के रूप में हुई है, जो अनिल कुमार का बेटा है और दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है। घटना के समय एसयूवी के अंदर दो से तीन अन्य लोग भी मौजूद थे। पुलिस इस मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा कर रही है और संदिग्धों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।
पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि औपचारिक शिकायत दर्ज होने से पहले चार से पांच घंटे की देरी हुई और उन्हें तीन अलग-अलग पुलिस स्टेशनों के चक्कर काटने पड़े। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने इन दावों से इनकार किया है और कहा है कि लिखित शिकायत मिलने के तुरंत बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर मनोज कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि विश्वविद्यालय पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। आस्था कुंज पार्क में हाल ही में हुई एक अन्य घटना के बाद, इस ताजा मामले ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता बढ़ा दी है।