दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर उन्नाव रेप पीड़िता की पहचान उजागर होने पर दर्ज की FIR

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर उन्नाव रेप पीड़िता की पहचान कथित तौर पर उजागर करने और उसकी आपत्तिजनक सामग्री शेयर करने के मामले में एक First Information Report (FIR) दर्ज की है। यह जानकारी शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर एक दिल्ली कोर्ट को दी गई। यह FIR पीड़िता की नई शिकायत के आधार पर 6 अगस्त 2026 को Cyber Police Station में दर्ज की गई थी।
- सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान और तस्वीरें वायरल करने पर FIR दर्ज
- दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट को दी मामले की आधिकारिक जानकारी
- पीड़िता ने राउज एवेन्यू कोर्ट में दर्ज कराई थी नई शिकायत
कोर्ट में पीड़िता की शिकायत और पुराना मामला
पीड़िता ने राउज एवेन्यू कोर्ट में Additional Chief Judicial Magistrate (ACJM) अश्विनी पंवार के सामने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि साल 2025 में उत्तर प्रदेश में पहले से FIR दर्ज होने के बावजूद, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उसकी पहचान और तस्वीरें उजागर करने वाली आपत्तिजनक पोस्ट लगातार शेयर की जा रही हैं। भारतीय कानून के तहत यौन अपराधों के पीड़ितों की पहचान उजागर करना सख्त मना है, जिसमें POCSO Act के तहत आने वाले मामले भी शामिल हैं, और ऐसा करने पर आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
पीड़िता की लगातार शिकायतों के बाद, दिल्ली पुलिस ने एक अलग जांच शुरू करते हुए यह नई FIR दर्ज की है। इस चल रही जांच का उद्देश्य ऑनलाइन कंटेंट की बारीकी से जांच करना और पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा से जुड़े कानूनी नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों की पहचान करना है।