फेक नैरेटिव फैलाने वालों पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर FIR दर्ज

राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के बीच माहौल बिगाड़ने और भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ चार से ज्यादा FIR दर्ज की हैं। इन हैंडल्स पर आरोप है कि उन्होंने गलत नैरेटिव सेट करने और समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश की है।
यह पूरी कार्रवाई सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को विपक्षी दलों द्वारा निकाले गए मार्च के बाद शुरू हुई। पुलिस ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की निगरानी तेज कर दी है ताकि अफवाहों और उकसावे वाले कंटेंट पर लगाम लगाई जा सके। अब तक करीब 500 सोशल मीडिया पोस्ट हटाए जा चुके हैं, जिनमें कुछ ऐसे पाकिस्तानी हैंडल्स भी शामिल थे जो भारत विरोधी भावनाएं फैला रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में X (ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स से संपर्क कर भ्रामक जानकारी हटाने का अनुरोध किया है।
AI से फर्जी वीडियो बनाने वाला युवक गिरफ्तार
इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने 24 वर्षीय नदीम अहमद को गिरफ्तार किया। आरोप है कि नदीम ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स का इस्तेमाल कर एक फर्जी वीडियो बनाया था। इस वीडियो में दिखाया गया था कि एक पुलिस अधिकारी महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी कर रहा है। यह वीडियो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान फैलाया गया था।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट की ओर निकले विपक्षी मार्च के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कड़े कदम उठाए। चुनाव आयोग के मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ याचिका दायर करने पहुंचे नेताओं के प्रदर्शन के बीच, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के उल्लंघन के लिए कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, बाराखंबा और मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशनों में भी FIR दर्ज की गई हैं।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर जानबूझकर गलत जानकारी या दुर्भावनापूर्ण कंटेंट फैलाना एक दंडनीय अपराध है। पुलिस ने साफ किया है कि सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।