आकाशवाणी भवन विरोध प्रदर्शन: राहुल और प्रियंका गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई 6 अक्टूबर 2026 को आकाशवाणी भवन के बाहर हुए एक विरोध प्रदर्शन के बाद की गई है। पुलिस ने यह FIR आकाशवाणी भवन प्रशासन की शिकायत पर संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है।
दरअसल, यह पूरा विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए गए एक प्रदर्शन से शुरू हुआ। प्रशासन का आरोप है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति के आकाशवाणी भवन के परिसर में प्रवेश किया। शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, बैरिकेड्स तोड़े गए और प्रशासनिक कार्यों में बाधा डाली गई।
सुरक्षा नियमों का उल्लंघन और पुलिस से झड़प के आरोप
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के समय इलाके में धारा 144 लागू थी, जिसका उल्लंघन करते हुए एक बड़े स्तर पर धरना दिया गया। यह क्षेत्र हाई-सिक्योरिटी जोन में आता है, इसलिए इस तरह का जमावड़ा नियमों के खिलाफ था। FIR में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और शारीरिक हमला किया गया, जिससे सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया था।
बता दें कि 6 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई सांसदों को हिरासत में लिया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। अब पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस व्यक्ति ने क्या भूमिका निभाई और पुलिस के साथ हुई झड़प में कौन शामिल था।
इस FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि अब उनके खिलाफ 45 मामले हो चुके हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि उनका लक्ष्य 100 केस तक पहुंचना है, जिसे वह अपने लिए एक 'सम्मान पदक' (मेडल ऑफ ऑनर) की तरह देखते हैं।