विपक्षी विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, बैरिकेड तोड़ने के आरोप में दर्ज की कई FIR

दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा किए गए हालिया विरोध प्रदर्शन के बाद अब कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को हुए इस प्रदर्शन के सिलसिले में बाराखंबा रोड और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशनों में कई एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने न केवल सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़ा, बल्कि सड़कों पर ग्राफिटी (पेंटिंग) भी की।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी के नेतृत्व में 'INDIA' गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) से जुड़े फैसलों को चुनौती देना था। प्रदर्शन के बाद 11 विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका में निकालीं खामियां
एक तरफ जहां पुलिस कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं द्वारा दायर याचिका में 14 कमियां (defects) निकाली हैं। रजिस्ट्री ने यह सवाल भी उठाया है कि याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को व्यक्तिगत रूप से प्रतिवादी क्यों बनाया गया है, जबकि याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई है।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने में अनियमितताएं बरती हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। इस मामले में याचिकाकर्ताओं में टीएमसी के सौगत रॉय, आरजेडी के तेजस्वी यादव और शिवसेना (UBT) के संजय राउत जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
इस हंगामे के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने आवास पर विपक्षी सांसदों को 'हाई टी' के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदर्शन में साथ देने वाले सभी नेताओं का आभार जताते हुए कहा कि यह लड़ाई जारी रहेगी। राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में कहा कि भारत की जनता को डराया नहीं जा सकता और वे संविधान व लोकतंत्र के रक्षकों के खिलाफ झुकने वाले नहीं हैं।