मेटा प्लेटफॉर्म्स पर चाइल्ड अब्यूज कंटेंट शेयरिंग मामला, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
दिल्ली पुलिस ने मेटा प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री साझा करने के मामले में FIR दर्ज की है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते खतरों के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मेटा (Meta) के प्लेटफॉर्म्स पर चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉयटेशन एंड अब्यूज मटेरियल (CSEAM) यानी बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के कथित प्रसार को लेकर एक FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई करीब 10 संदिग्ध लिंक्स की शिकायत मिलने के बाद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 8 अक्टूबर को आईटी एक्ट की धारा 67 और 67B के तहत FIR नंबर 236/2026 दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस इन फ्लैग किए गए लिंक्स की गहन जांच कर रही है ताकि आरोपों की पुष्टि की जा सके और दोषियों तक पहुंचा जा सके।
NHRC के निर्देश और NCPCR की सख्ती
इस कानूनी कार्रवाई की पुष्टि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनके निर्देशों के बाद दिल्ली पुलिस ने मेटा इंडिया द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म्स पर इस आपत्तिजनक सामग्री की उपलब्धता को लेकर मामला दर्ज किया है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) पहले से ही मेटा प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों के मामले में जांच कर रहा है। इसी सिलसिले में NCPCR ने जुलाई में मेटा को नोटिस जारी किया था और सितंबर में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड को तलब किया था। सरकारी सूत्रों का कहना है कि आयोग की इस सख्ती के बाद मेटा ने अपनी रिपोर्टिंग पॉलिसी में बदलाव किया है और अब वह ऐसे मामलों की जानकारी सीधे भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को दे रहा है।
दूसरी ओर, मेटा के प्रवक्ता ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। कंपनी ने दावा किया है कि वे सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि ऐसे अपराध करने वालों को जिम्मेदार ठहराया जा सके। मेटा ने स्पष्ट किया कि अब वे चाइल्ड सेफ्टी से जुड़े मामलों की रिपोर्ट सीधे गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल (I4C) को भेजेंगे।