Meta प्लेटफॉर्म्स पर बाल यौन शोषण सामग्री मिलने पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

NHRC के निर्देशों के बाद दिल्ली पुलिस ने Meta के प्लेटफॉर्म्स पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSEAM) की उपलब्धता को लेकर FIR दर्ज की है।

Kittu Kumari5 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
Meta प्लेटफॉर्म्स पर बाल यौन शोषण सामग्री मिलने पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

सोशल मीडिया दिग्गज Meta के प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री (CSEAM) उपलब्ध होने का मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के कड़े रुख के बाद दिल्ली पुलिस ने इस गंभीर मामले में FIR दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई NHRC के निर्देशों के बाद की गई है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस जानकारी को साझा करते हुए बताया कि आयोग के निर्देशों पर अमल करते हुए दिल्ली पुलिस ने Meta इंडिया द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म्स पर बाल यौन शोषण सामग्री की उपलब्धता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कदम ऑनलाइन सुरक्षा और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

NCPCR की जांच और Meta की बदलती नीतियां

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस मामले की जड़ें काफी पुरानी हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए था। सरकारी सूत्रों के अनुसार, NCPCR ने जुलाई में Meta को इस संबंध में नोटिस जारी किया था और कंपनी से जवाब मांगा था। जवाब मिलने के बाद आयोग ने मामले की औपचारिक जांच शुरू की और Meta इंडिया के एमडी और प्रमुख को कई बार समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया।

NCPCR के इस कड़े दबाव और निरंतर फॉलो-अप का असर यह हुआ कि Meta ने अपनी रिपोर्टिंग पॉलिसी में बदलाव किया है। अब Meta ने ऐसे मामलों की जानकारी सीधे गृह मंत्रालय के तहत आने वाले 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (14C) को देना शुरू कर दिया है।

दूसरी ओर, Meta के प्रवक्ता ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उनके लिए प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है। कंपनी का दावा है कि वह सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके। Meta, जो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स चलाता है, अब हानिकारक कंटेंट को रोकने के लिए तकनीकी उपायों और साइबर क्राइम पोर्टल के साथ समन्वय पर जोर दे रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment