जंतर मंतर पर CEC के खिलाफ प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं 3 FIR

Kittu Kumari3 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर पर CEC के खिलाफ प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं 3 FIR

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने इस मामले में शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को तीन अलग-अलग प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की हैं। यह पूरा विवाद चुनावी सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ था, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे थे।

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान इलाके में धारा 163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा लागू थी, जिसका उल्लंघन किया गया। इनमें से दो FIR संसद स्ट्रीट थाने में और एक कॉनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई हैं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223, 221, 132 और 3(5) के साथ-साथ आईपीसी की कई धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP) की धारा 3 को जोड़ा गया है। हालांकि, अभी तक किसी व्यक्ति विशेष को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन प्रदर्शन आयोजित करने वाले समूहों और आयोजकों का विवरण पुलिस रिकॉर्ड में है।

दिग्गज नेता हुए थे हिरासत में, इंटरनेट सेवा भी रही ठप

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इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी (AAP), AISA, SFI, NSUI, इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जैसे संगठन शामिल थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 550 से 1,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में AAP नेता सौरभ भारद्वाज, आतिशी और संजय सिंह के साथ-साथ एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव, RJD सांसद मनोज झा और CPI सांसद पी. संदेश जैसे बड़े नाम शामिल थे। इसके अलावा IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब, NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़, DYFI अध्यक्ष ए.ए. रहीम और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी पुलिस की गिरफ्त में रहे थे।

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने मध्य दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए थे और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों के साथ कोई बदसलूकी नहीं की गई और भीड़ जमा करने व नारेबाजी पर लगी रोक को लागू करने के लिए ही हिरासत की कार्रवाई की गई थी।

दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वे 10 अक्टूबर को फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे।

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