जंतर मंतर की ओर मार्च की कोशिश: दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के 22 कार्यकर्ताओं पर FIR
जंतर मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश में दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के 22 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए, अब पुलिस ने दर्ज की एफआईआर।

दिल्ली पुलिस ने दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन और रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया (RWPI) के 22 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई 1 नवंबर 2026 को आयोजित एक प्रदर्शन के बाद की गई है, जहां प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति के जंतर मंतर की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। पुलिस ने इन लोगों को मिंटो रोड पर ही रोक लिया था, क्योंकि उन्हें केवल रामलीला मैदान में रैली करने की अनुमति मिली थी।
पुलिस के मुताबिक, जंतर मंतर अब विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल नहीं रह गया है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने वहां जाने की कोशिश की, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इन 22 लोगों को द्वारका सेक्टर 23 और जाफरपुर कलान पुलिस स्टेशनों में हिरासत में रखा गया था, जिसके बाद सोमवार तड़के करीब 2 बजे उन्हें रिहा किया गया।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराएं लगाई हैं। इनमें सरकारी कर्मचारी के आदेश की अवज्ञा (धारा 223(a)), सरकारी काम में बाधा डालना (धारा 221), सार्वजनिक सेवक को रोकने के लिए चोट पहुँचाना (धारा 121(1)), आपराधिक साजिश (धारा 61(2)) और सामान्य इरादे (धारा 3(5)) जैसी धाराएं शामिल हैं।
इसी बीच, विशाल नाम के एक प्रदर्शनकारी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक हिरासत (Preventive Detention) में लिया गया। उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां मुचलका भरने और पर्सनल बॉन्ड साइन करने के बाद उन्हें रिहा किया गया।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली जिले में शांति बनाए रखने और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदियां लागू हैं। प्रशासन ने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय की एक समिति की सिफारिशों के बाद जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई किया गया है, ताकि आपातकालीन सेवाओं और भीड़ प्रबंधन में कोई दिक्कत न आए।