जंतर मंतर पर बवाल: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 20 FIR दर्ज

देश की राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस अब सख्त एक्शन मोड में है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 20 से ज्यादा FIR दर्ज की हैं। यह पूरा विवाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शनों से शुरू हुआ, जिसने शहर की रफ्तार रोक दी और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी। इस हंगामे में करीब 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
दरअसल, यह प्रदर्शन 10 और 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया गया था। कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही थी। पार्टी का आरोप है कि चुनावी सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में बड़ी गड़बड़ियां की गई हैं। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह अवैध था क्योंकि पार्टी ने आवेदन 7 अक्टूबर को दिया था, जबकि नियम के मुताबिक 10 दिन पहले सूचना देना जरूरी होता है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और दिग्गजों की हिरासत
संवेदनशील सरकारी और संवैधानिक संस्थानों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सड़कों पर 30,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इस दौरान भारी भीड़ को देखते हुए हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया।
हैरानी की बात यह है कि इस प्रदर्शन के दौरान कई बड़े चेहरे भी पुलिस की गिरफ्त में आए। इनमें CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, पार्टी नेता सौरभ दास और आशुतोष रंका के साथ-साथ ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, पिनाराई विजयन और मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी जैसे लोग शामिल थे। रविवार को अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रंका को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 50,000 रुपये के बॉन्ड और एक साल तक अच्छे व्यवहार की शर्त पर रिहा किया गया।
इस हिंसा का असर आम जनता पर भी पड़ा, जिससे शनिवार को मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया और ट्रांजिट सेवाओं से जुड़े न्यायिक निर्देशों के उल्लंघन पर अवमानना याचिकाओं की सुनवाई के लिए विशेष सत्र बुलाया। अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को तय की गई है।
इधर, राजनीतिक सरगर्मियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। INDIA गठबंधन ने 12 अक्टूबर को दिल्ली में एक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है, जिसके जरिए वे भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपेंगे। गौरतलब है कि जुलाई में भी CJP के एक प्रदर्शन के दौरान करीब 200 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।