चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज मटेरियल मामला: NHRC के निर्देश पर मेटा के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

NHRC के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने मेटा के खिलाफ FIR दर्ज की है। इंस्टाग्राम पर चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज मटेरियल के प्रमोशन का आरोप है।

Kittu Kumari5 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज मटेरियल मामला: NHRC के निर्देश पर मेटा के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक. के खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की है। यह पूरी कार्रवाई इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज मटेरियल (CSAM) के प्रमोशन और बिक्री से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद की गई है।

मामला तब तूल पकड़ा जब बीबीसी आई (BBC Eye) की एक जांच में यह खुलासा हुआ कि इंस्टाग्राम पर एआई-जनरेटेड आपत्तिजनक सामग्री को पेड विज्ञापनों के जरिए बढ़ावा दिया जा रहा था। इन विज्ञापनों का इस्तेमाल यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों पर भेजने के लिए किया जा रहा था, जहां इस तरह की सामग्री का प्रसार हो रहा था। इसी गंभीर मुद्दे पर NHRC ने हस्तक्षेप किया और दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

POCSO एक्ट के उल्लंघन की जांच

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पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि क्या मेटा ने POCSO एक्ट, 2012 की धारा 19 के तहत अपनी अनिवार्य रिपोर्टिंग जिम्मेदारियों को पूरा किया या नहीं। कानून के मुताबिक, ऐसे अपराधों की जानकारी तुरंत स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट या स्थानीय पुलिस को देना अनिवार्य है। NHRC ने स्पष्ट किया है कि कंपनी के अपने आंतरिक मॉडरेशन नियम भारत के वैधानिक कानूनों से ऊपर नहीं हो सकते।

इस पूरे मामले में केवल दिल्ली पुलिस ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भी अपनी पैनी नजर रखी है।

गौरतलब है कि सितंबर 2026 में मेटा ने एक समझौता किया था, जिसके तहत वह अब बाल सुरक्षा और यौन शोषण से जुड़े मामलों की रिपोर्ट सीधे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देगा। इससे पहले कंपनी केवल अमेरिका स्थित नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) को ही रिपोर्ट करती थी। सरकारी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को केवल प्रतिक्रिया देने के बजाय सक्रिय सुरक्षा उपाय अपनाने होंगे।

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