जंतर मंतर प्रदर्शन: पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले पत्रकारों पर अब FIR दर्ज

राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कर्मियों पर यौन उत्पीड़न और बदसलूकी का आरोप लगाने वाले तीन पत्रकारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब दिल्ली पुलिस ने उन्हीं पत्रकारों के खिलाफ काउंटर-FIR दर्ज की है। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 3 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहा था, जिसकी कवरेज के दौरान पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
पत्रकारों का दावा था कि प्रदर्शन के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विवेक भगत ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और गलत तरीके से छुआ। हालांकि, इन आरोपों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है, लेकिन अब तक इन विशिष्ट आरोपों पर कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। इसके उलट, पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में छह अलग-अलग FIR दर्ज की हैं और 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक अधिकारी को गलत तरीके से दिखाने वाले पोस्टर के प्रसार का मामला भी शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग की एंट्री
इस विवाद ने अब कानूनी और संस्थागत रूप ले लिया है। 'नेटवर्क ऑफ विमेन इन मीडिया, इंडिया' की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह 15 अक्टूबर की सुनवाई के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त करे। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
दूसरी ओर, प्रशासनिक स्तर पर ACP विवेक भगत की अस्थायी पोस्टिंग को दिल्ली सरकार ने 6 अक्टूबर 2026 को रोक दिया है, जो जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगी। डीसीपी नेहा यादव का कहना है कि यह प्रदर्शन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के लागू होने के बावजूद किया गया था, जो अनधिकृत जमावड़े को प्रतिबंधित करती है। इसी बीच, 11 अक्टूबर को इंडियन एक्सप्रेस हिंदी के तीन पत्रकारों को भी हिरासत में लिया गया, जबकि उन्होंने अपनी पहचान बता दी थी।
एक पत्रकार ने क्राइम ब्रांच द्वारा 8 अक्टूबर को बुलाए जाने पर अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनसे उनके आरोपों के बजाय उनकी निजी पृष्ठभूमि से जुड़े 25 सवालों की एक लंबी प्रश्नावली पूछी गई, जो काफी दखल देने वाली थी।