दिल्ली पुलिस कर्मियों के परिवारों ने की सुप्रीम कोर्ट में अपील, CJP प्रदर्शन हिंसा के खिलाफ जताई चिंता

दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'Gen Z-led demonstration' के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों के परिवारों ने सार्वजनिक रूप से हिंसा की निंदा की है और अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की आज 31 जुलाई को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एक घायल अधिकारी की बेटी ने झड़प के दौरान अपने पिता पर हुए जानलेवा हमले की बात बताई है।
- 20 जुलाई को घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों ने प्रेस ब्रीफिंग में पुलिस पर हुए हमलों की आलोचना की।
- कम से कम चार घायल कर्मियों (एक एसीपी सहित) के परिवारों ने 27 से 30 जुलाई के बीच सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
- परिवार हिंसा करने वालों पर कार्रवाई और ड्यूटी पर पुलिस सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश मांग रहे हैं।
- यह आवेदन विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई के आरोपों से जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ सुना जाएगा।
हिंसा और कानूनी कार्रवाई की स्थिति
CJP द्वारा परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ आयोजित 'संसद चलो' मार्च के कारण राजनीतिक बहस शुरू हो गई थी। दिल्ली सरकार ने 30 जुलाई को अधिकांश प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई रोकने का आदेश दिया, लेकिन यह राहत दिल्ली पुलिस द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले पहचाने गए 2,800 से अधिक प्रदर्शनकारियों पर लागू नहीं होती है।
गोली लगने के दावे पर पुलिस का स्पष्टीकरण
दिल्ली पुलिस ने एक महिला प्रदर्शनकारी को गोली लगने के दावे को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है। पुलिस ने 29 जुलाई को स्पष्ट किया कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार यह चोट गोली की नहीं, बल्कि किसी भारी वस्तु से लगी खरोंच या घाव थी।