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दिल्ली पुलिस कर्मियों के परिवारों ने CJP प्रदर्शनों में घायल अपनों के लिए न्याय की मांग की

Kittu Kumari31 July 20262 min read28 views
दिल्ली पुलिस कर्मियों के परिवारों ने CJP प्रदर्शनों में घायल अपनों के लिए न्याय की मांग की

दिल्ली पुलिस के घायल कर्मियों के परिवारों ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान परिवारों ने अपना दर्द साझा किया और न्याय की मांग उठाई। परिवारों ने अपने रिश्तेदारों की गंभीर रूप से घायल स्थिति को देखकर गहरा सदमा और पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए कानूनी रास्ते अपनाने की घोषणा की है।

  • CJP के 'संसद मार्च' और 20 व 25 जुलाई 2026 के टकराव के दौरान हिंसा का आरोप।
  • पुलिसकर्मियों पर पत्थरों, गमलों, चप्पलों और जूतों से क्रूरतापूर्वक हमले का दावा।
  • छात्र आंदोलन में असामाजिक तत्वों के घुसपैठ करने और हिंसा बढ़ाने का आरोप।

हिंसा और हमलों का विवरण

परिवारों ने मुख्य रूप से CJP के 'संसद मार्च' और 20 तथा 25 जुलाई 2026 को हुए संघर्षों के दौरान हुई हिंसा को रेखांकित किया। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों पर पत्थरों, गमलों, चप्पलों और जूतों से क्रूरतापूर्वक हमले किए गए। कुछ अधिकारियों को कथित तौर पर "लगभग पीट-पीटकर अधमरा" कर दिया गया और वे घंटों तक बेहोश रहे। एक सब-इंस्पेक्टर की बेटी ने बताया कि उनके पिता, जो 15 साल के अनुभवी मरीन कमांडो हैं, खून से सनी वर्दी में घर लौटे। एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस की पत्नी ने भी 20 जुलाई को अपने पति को घायल देखने का डरावना अनुभव साझा किया। परिवारों का कहना है कि जो एक छात्र आंदोलन के रूप में शुरू हुआ था, उसमें असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ कर हिंसा को बढ़ा दिया।

सोशल मीडिया पर चित्रण और कानूनी कदम

सोशल मीडिया पर घायल अधिकारियों को अपराधी के रूप में दिखाए जाने पर भी परिवारों ने दुख व्यक्त किया, जबकि उन पर हुए हमलों पर बहुत कम ध्यान दिया गया। परिवारों ने निष्पक्ष कार्रवाई और न्याय की अपनी मांग को दोहराया, और कुछ लोग पहले ही Supreme Court का रुख कर चुके हैं। इन घटनाओं के जवाब में दिल्ली पुलिस ने कहा कि सामान्य CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। केंद्र सरकार और CJP के बीच समझौते के तहत दिल्ली सरकार ने भी ज्ञात अपराधियों को छोड़कर CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी मामले वापस लेने की घोषणा की है। इसके अलावा, सेवानिवृत्त अधिकारियों के संगठन Delhi Police Federation ने 31 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर सभी घायल पुलिस और अर्धसैनिक कर्मियों के लिए एक शांतिपूर्ण एकजुटता विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसके लिए Delhi Police Commissioner से अनुमति मांगी गई है।

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