दशहरा उत्सव पर दिल्ली-NCR में भारी सुरक्षा, 13,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में दशहरा उत्सव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। दशहरा सुरक्षा दिल्ली पुलिस की व्यापक योजना के तहत पूरे दिल्ली-NCR क्षेत्र में 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इसमें से अकेले दिल्ली में 10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं, ताकि त्योहार के दौरान भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
उत्तर जिला पुलिस ने रात की गश्त तेज कर दी है। डीसीपी (उत्तर जिला) के अनुसार, रामलीला मैदानों, स्थानीय बाजारों, पार्कों और गलियों में पुलिस की पैनी नजर है। इस सुरक्षा अभियान को दिल्ली के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर के मार्गदर्शन में लागू किया गया है। विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और रावण दहन के मुख्य स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक के लिए विशेष तैयारी
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल डीसीपी अंगद मेहता ने बताया कि त्योहारों के कारण सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की भीड़ काफी बढ़ गई है, जिसके लिए व्यापक कवरेज सुनिश्चित किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) तैयार रखी गई हैं। साथ ही, बड़े आयोजन स्थलों पर फायर टेंडर, एम्बुलेंस और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।
ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पूर्वी दिल्ली में विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे से रात 8 बजे के बीच NH-24, विकास मार्ग और रोड नंबर 56, 57 व 57A पर ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने और सड़क किनारे पार्किंग न करने की अपील की है।
सुरक्षा का यह घेरा केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। पड़ोसी शहरों में भी अलर्ट जारी है। गुरुग्राम में 66 रावण दहन स्थलों और 17 धार्मिक जुलूसों की निगरानी के लिए 2,200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, वहीं फरीदाबाद में 1,200 जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ जेबकतरी और स्नैचिंग जैसे स्ट्रीट क्राइम पर लगाम लगाना है।