बड़ी कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने पकड़ा अवैध कैंसर दवा रैकेट, राजस्थान सरकार ने दिए जांच के आदेश

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल ने कैंसर की अवैध दवाओं के कारोबार में शामिल एक बड़े पैन-इंडिया रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 12 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। 19 अगस्त 2026 तक इस चल रही जांच के दौरान अधिकारियों ने कैंसर के इंजेक्शन की 22 शीशियां भी जब्त की हैं। इस मामले में पुलिस नेटवर्क से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
अवैध रूप से बेची जा रही थीं जीवन रक्षक दवाएं
जांचकर्ताओं ने खुलासा किया है कि यह सिंडिकेट सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों से चुराई गई असली दवाओं को हासिल करने और नकली दवाओं को असली के रूप में पैक करके काम करता था। इन जीवन रक्षक दवाओं को unsuspecting (अंधविश्वास में न फंसे) मरीजों को बहुत अधिक कीमतों पर बेचा जाता था। इस जांच का मुख्य केंद्र इस सप्लाई चेन का पता लगाना है, जिसमें पूरे देश में खरीद, भंडारण और वितरण नेटवर्क शामिल है।
राजस्थान सरकार ने दिए जांच के आदेश
यह मामला तब सामने आया जब पता चला कि राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) द्वारा बीकानेर के एक सरकारी कैंसर अस्पताल को सप्लाई किए गए कैंसर के इंजेक्शन दिल्ली में ब्लैक मार्केट में बेचे जा रहे थे। ये इंजेक्शन एडवांस स्टेज के कैंसर मरीजों को मुफ्त बांटने के लिए थे। इन खुलासों के बाद, राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह ने 19 अगस्त 2026 को सरकारी दवाओं के इस डायवर्शन की औपचारिक और तथ्यात्मक जांच के आदेश दिए।
कड़े कदम उठाने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि महंगी और जीवन रक्षक दवाओं की अवैध बिक्री और कालाबाजारी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को सरकारी दवा आपूर्ति और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मजबूत बनाने के लिए उपाय लागू करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों द्वारा इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है।