Delhi Police ने हाई-टेक Gambling Syndicate का किया पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत 31 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने एक हाई-टेक जुआ सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है जो एक कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर आधारित नेटवर्क के जरिए चलाया जा रहा था। इस मामले में मुख्य सरगना रंजीत, मकान मालिक रमेश कुमार, सॉफ्टवेयर डेवलपर राहुल दिलवालिया और सिंडिकेट के एक अन्य सदस्य नानक साहू समेत कुल 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह पूरी कार्रवाई अगस्त 2026 के दौरान की गई।
छापेमारी और गिरफ्तारियों का पूरा विवरण
यह अभियान 9 अगस्त 2026 को मुकुंदपुर, दिल्ली में एक जुए के ठिकाने पर छापेमारी के साथ शुरू हुआ था, जिसमें पहली बार में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद आगे की जांच के आधार पर 12 अगस्त को रंजीत और रमेश कुमार को पकड़ा गया, 18 अगस्त को राहुल दिलवालिया सहित चार मुख्य गुर्गों को हिरासत में लिया गया, और 20 अगस्त को नानक साहू को भी गिरफ्तार किया गया। यह पूरा ऑपरेशन जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (नदरर्न रेंज) श. विजय सिंह, आईपीएस के निर्देशन और एसीपी ऑपरेशंस/ओएनडी श. दिनेश कुमार की देखरेख में चलाया गया।
दर्ज मामला और बरामदगी
अधिकारियों ने भालस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन में दिल्ली पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की धारा 3, 4 और 5 तथा BNS की धारा 112 के तहत FIR No. 508/2026 दर्ज की है। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल ₹8.92 लाख नकद बरामद किए, जिसमें शुरुआती छापे के दौरान दांव पर लगे ₹6.29 लाख और नानक साहू के ठिकाने से मिले ₹2.62 लाख शामिल हैं। इसके अलावा कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 7 लैपटॉप, 38 स्मार्टफोन, ताश के 41 पैकेट, 2 जंतरी किताबें, 3 डायरी, विभिन्न रजिस्टर, एक व्हाइटबोर्ड और सट्टेबाजी की प्रविष्टियों को प्रबंधित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कस्टम-मेड 'जंतरी' सॉफ्टवेयर भी जब्त किया है। प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि इस सिंडिकेट का सीधा संबंध 'सट्टा बाजार' सट्टेबाजी नेटवर्क से था।