CEC के खिलाफ प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस और NSUI नेताओं को हिरासत में लिया

देश की राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस और NSUI के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह पूरी घटना आकाशवाणी भवन के बाहर हुई, जहां विपक्षी दल लोकतंत्र बचाने के नारे लगा रहे थे। हिरासत में लिए गए नेताओं में भारतीय यूथ कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष उदय भानु चिव भी शामिल हैं।
हिरासत के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। उदय भानु चिव ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं और महिला पदाधिकारियों के साथ पुलिस ने मारपीट की है, जिससे कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और छात्रों के खिलाफ यह हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिव के मुताबिक, यह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर लगाया 'हाईजैक' का आरोप
इस विरोध प्रदर्शन की कमान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संभाली। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने देश को 'हाईजैक' कर लिया है और चुनावी प्रक्रिया को कमजोर कर रहे हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब करोड़ों लोगों ने उन्हें चुना है, तो चुनाव आयोग विपक्षी नेताओं से बात करने से क्यों कतरा रहा है।
राहुल गांधी और विपक्षी सांसद निर्वाचन सदन की ओर कूच कर रहे थे, लेकिन वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद वे आकाशवाणी भवन के पास जमा हुए। राहुल गांधी ने कहा, "हम सिर्फ ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलकर अपने सवाल पूछना चाहते हैं। लोकतंत्र खत्म किया जा रहा है और हम संविधान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
यह पूरा विवाद 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ है। विपक्ष का दावा है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में गड़बड़ियां हो रही हैं। यह विरोध प्रदर्शन इंडिया गठबंधन के 'सेव डेमोक्रेसी' अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।