जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने कंटेंट क्रिएटर्स समेत सैकड़ों को हिरासत में लिया

देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'जंतर मंतर 2.0' विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित इस प्रदर्शन को विफल करने के लिए पुलिस ने धौला कुआं समेत दिल्ली के कई एंट्री पॉइंट्स पर भारी घेराबंदी की। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों और कुछ कंटेंट क्रिएटर्स को हिरासत में ले लिया गया, जिन्हें पुलिस ने अलग-अलग केंद्रों पर भेजा है।
पुलिस की कार्रवाई इतनी सख्त थी कि धौला कुआं पर भारी बैरिकेड्स लगाए गए और वाहनों की सघन तलाशी के लिए स्पाइक स्ट्रिप्स का इस्तेमाल किया गया। डीसीपी कुमार अभिषेक ने बताया कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पिछले रात से ही यह ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहनों की जांच के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति विरोध स्थल तक न पहुंच सके।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और मेट्रो स्टेशनों की बंदी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग समूहों में आए लगभग 500 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा, माहौल को बिगड़ने से रोकने के लिए करीब 50 ऐसे व्यक्तियों को भी पकड़ा गया जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए नई दिल्ली जिले को 20 अलग-अलग ऑपरेशनल जोन में बांटा गया था, जहाँ हर जोन के लिए अलग डिटेंशन सेंटर बनाए गए।
प्रशासन ने इस बार कोई जोखिम नहीं लिया और शहर के 46 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया। जंतर मंतर और संसद मार्ग के आसपास भी कड़ी सुरक्षा तैनात की गई थी। पुलिस ने इस बार विशेष निर्देश दिए थे कि प्रदर्शनकारियों के साथ मौखिक बहस से बचा जाए, क्योंकि कुछ लोग पुलिस की नकारात्मक छवि दिखाने के लिए वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। हालांकि, सुरक्षा बलों को लाठी और डंडे ले जाने की अनुमति दी गई थी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
हिरासत में लिए गए लोगों को छत्रसाल स्टेडियम, राजीव गांधी स्टेडियम, यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सूरजमल स्टेडियम, दौलतपुर और पंडरावल के कम्युनिटी सेंटर्स जैसे छह निर्धारित केंद्रों पर ले जाया गया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य जुलाई में हुए पिछले प्रदर्शनों जैसी स्थिति को दोबारा उत्पन्न होने से रोकना था।