CEC के इस्तीफे की मांग पर बवाल, दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल को लिया हिरासत में

देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को उस वक्त भारी तनाव देखा गया जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उतरे दिग्गज नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन से हुई, जिसमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े चेहरे शामिल थे।
ममता बनर्जी को उनके आवास के बाहर दिल्ली पुलिस और CRPF के जवानों ने हिरासत में लिया। विरोध जताने के लिए ममता बनर्जी ने अपने मुंह पर बैंड-एड लगाया हुआ था। उनके साथ टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन, डोला सेन, प्रतिमा मंडल, समिरुल इस्लाम और साकेत गोखले को भी पुलिस ने पकड़ा। साकेत गोखले ने इस कार्रवाई को भारत में 'लोकतंत्र की मौत' करार दिया।
वहीं, अरविंद केजरीवाल को उनके घर से निकलते समय ही हिरासत में ले लिया गया, जब वे प्रदर्शन स्थल की ओर जा रहे थे। पुलिस वाहन से बात करते हुए केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव अब केवल 'वोट चोरी' के जरिए जीते जा रहे हैं और वर्तमान स्थिति 1975 की इमरजेंसी से भी बदतर है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और इंटरनेट बंद
यह पूरा विरोध प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) में अनियमितताओं और लाखों नामों को हटाने के आरोपों के खिलाफ था। पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, जिसके कारण जंतर मंतर और इंडिया गेट जैसे इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था।
- दिग्गजों की हिरासत: पूर्व केरल सीएम पिनरई विजयन, पूर्व त्रिपुरा सीएम माणिक सरकार, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज जैसे नेता भी हिरासत में लिए गए।
- एयरपोर्ट पर कार्रवाई: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रंका और सौरभ दास को सीधे दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतरते ही पकड़ लिया गया।
- अन्य लोग: मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी और कई पत्रकारों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
शहर में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए थे। जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के 4 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और दिल्ली मेट्रो के कई गेट बंद रहे। यहां तक कि कई लंबी दूरी की ट्रेनों को भी रद्द या रीशेड्यूल किया गया। जब CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस से पूछताछ की, तो पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह 'गिरफ्तारी' नहीं बल्कि केवल 'हिरासत' है। हालांकि, दीपके ने कहा कि इतनी भारी सुरक्षा यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार युवाओं की ताकत से डरी हुई है।