जंतर मंतर पर भारी बवाल: कॉकरोच जनता पार्टी के हजारों प्रदर्शनकारी हिरासत में, दिल्ली छावनी में तब्दील

Kittu Kumari11 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर पर भारी बवाल: कॉकरोच जनता पार्टी के हजारों प्रदर्शनकारी हिरासत में, दिल्ली छावनी में तब्दील

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर तनाव का माहौल देखा गया, जब चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे हजारों लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। 10 अक्टूबर 2026 को जंतर मंतर पर होने वाले इस बड़े विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने जबरदस्त कार्रवाई की। यह पूरा विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची से करोड़ों नामों को हटाए जाने के आरोपों से जुड़ा है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को हिरासत में लेकर रैली को नाकाम करने की कोशिश की।

शहर की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली को एक हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया था। पुलिस ने रात से ही कार्रवाई शुरू कर दी थी और पार्टी के संस्थापकों को एयरपोर्ट पहुंचते ही हिरासत में ले लिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए करीब 25,000 से 35,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया और शहर के कई हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई।

वोटर लिस्ट से 13.39 करोड़ नाम हटने पर मचा घमासान

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इस पूरे विरोध प्रदर्शन की जड़ चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों में किया गया विशेष संशोधन है। आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में लगभग 13.39 करोड़ नाम हटाए गए हैं। इसमें 6.30 करोड़ लोग स्थायी रूप से शिफ्ट होने के कारण, 2.80 करोड़ मृत व्यक्तियों के रूप में, 3.01 करोड़ नाम न मिल पाने के कारण और 1.02 करोड़ डुप्लीकेट रिकॉर्ड्स के तौर पर हटाए गए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में युवाओं, महिलाओं और प्रवासियों को निशाना बनाया गया है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और माकपा ने इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की है।

दोपहर के समय अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनाराई विजयन और माणिक सरकार जैसे दिग्गज नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। अनुमान है कि दिन भर में 2,000 से 7,000 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से अधिकांश को शाम तक छोड़ दिया गया, हालांकि पार्टी के मुख्य नेतृत्व को अभी भी हिरासत में रखा गया है।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया और सरकार को चेतावनी दी कि परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह ठप करना सही नहीं है। इसके बावजूद कई मेट्रो स्टेशन बंद रहे और नई दिल्ली व निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेनें रद्द कर दी गईं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने भी इस सामूहिक हिरासत पर चिंता जताई, जिसे भारत सरकार ने आंतरिक मामला बताते हुए खारिज कर दिया।

बता दें कि अभिजीत दिपके ने मई 2026 में कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना की थी। यह पार्टी पहले परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ लड़ रही थी, लेकिन अब इसका पूरा ध्यान चुनावी पारदर्शिता पर है। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि वे 11 अक्टूबर को फिर से जंतर मंतर पर जुटेंगे, जबकि सुप्रीम कोर्ट रविवार को इस मामले में विशेष सुनवाई कर सकता है।

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