CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: दिल्ली पुलिस ने 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को लिया हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोका, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: दिल्ली पुलिस ने 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को लिया हिरासत में

दिल्ली के केंद्र में शुक्रवार को उस समय भारी तनाव देखा गया जब चुनाव आयोग (ECI) के मुख्यालय की ओर कूच कर रहे 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह विरोध प्रदर्शन 'डेल्ही कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ पीपल अगेंस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न' (SIR) के बैनर तले किया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही वोटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया (SIR) के कारण बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इस मार्च में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) जैसे कई समूह शामिल थे।

ब्रिंदा करात ने जताया विरोध, 'पीपल्स पार्लियामेंट' का आयोजन

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सीपीएम की वरिष्ठ नेता ब्रिंदा करात ने भी इस विरोध प्रदर्शन में शिरकत की। उन्होंने मांग की कि वोटर लिस्ट के इस विशेष संशोधन कार्य को तुरंत रोका जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें। इस आंदोलन से योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन जैसी प्रमुख हस्तियां भी जुड़ी हुई हैं।

पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों का मार्च बीच में ही रुक गया। हालांकि, हिरासत में लिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर ही 'पीपल्स पार्लियामेंट' लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

CJP नेता आशुतोष रंका ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों की जमानत प्रक्रिया जारी है और नवंबर के तीसरे हफ्ते में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं, दूसरी ओर चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि SIR प्रक्रिया केवल फर्जी और पुराने नामों को हटाने के लिए है, इसमें किसी भी तरह का राजनीतिक पक्षपात नहीं किया गया है।

बता दें कि अक्टूबर महीने में इस मुद्दे को लेकर 2, 3, 6, 10, 11, 14, 16 और 18 तारीख को भी कई प्रदर्शन हो चुके हैं। इसी बीच आयोग के भीतर भी कुछ आंतरिक मतभेद की खबरें हैं, जहां चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू और विवेक जोशी के कुछ पत्रों को CEC ज्ञानेश कुमार के कार्यालय भेजा गया है।

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