विरोध प्रदर्शनों और विवादों के बीच दिल्ली पुलिस का बड़ा कदम, अब बॉडीकैम पहनेंगे जवान

Kittu Kumari7 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
विरोध प्रदर्शनों और विवादों के बीच दिल्ली पुलिस का बड़ा कदम, अब बॉडीकैम पहनेंगे जवान

राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान अक्सर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें आती रहती हैं। इन विवादों और पारदर्शिता की मांग के बीच दिल्ली पुलिस ने अब एक बड़ा फैसला लिया है। नई दिल्ली जिले के फ्रंटलाइन कर्मियों के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरों (Body-worn cameras) का रोलआउट शुरू कर दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य भीड़ प्रबंधन और प्रदर्शनों के दौरान होने वाली घटनाओं का रियल-टाइम वीडियो रिकॉर्ड करना है, ताकि भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में पुख्ता सबूत मौजूद रहें।

इस नई व्यवस्था की शुरुआत के दौरान नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा को खुद यह उपकरण इस्तेमाल करते देखा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक को धीरे-धीरे पूरी फोर्स में लागू किया जाएगा। ये कैमरे न केवल विवादों के निपटारे में सबूत के तौर पर काम आएंगे, बल्कि पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए भी मददगार साबित होंगे।

विवादों और आरोपों के बाद लिया गया फैसला

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पुलिस का यह कदम ऐसे समय में आया है जब विभाग कई गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है। 2 अक्टूबर 2026 को जंतर मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया था कि उनके साथ बदसलूकी और यौन उत्पीड़न किया गया। यह आरोप एसीपी विवेक भगत पर लगाए गए थे। हालांकि, इन शिकायतों को क्राइम ब्रांच को जांच के लिए भेज दिया गया है, लेकिन 5 अक्टूबर तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।

तनाव तब और बढ़ गया जब 5 अक्टूबर को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करने वाले 17 लोगों पर केस दर्ज किया गया, जिनमें वह महिला पत्रकार भी शामिल थी जिसने बदसलूकी की शिकायत की थी। इसके अलावा, पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है जिसने एक एआई-जनरेटेड (AI-generated) वीडियो फैलाया था, जिसमें एक पुलिस अधिकारी को महिला के साथ दुर्व्यवहार करते दिखाया गया था। पुलिस का दावा है कि यह वीडियो नफरत फैलाने के मकसद से बनाया गया था।

इसी बीच, दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है, जिसमें मांग की गई है कि दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के लिए बॉडीकैम अनिवार्य किए जाएं और फुटेज के स्टोरेज और सुरक्षा के लिए सख्त मानक तय किए जाएं।

इसके साथ ही, दिल्ली पुलिस लाउडस्पीकर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर अपने पुराने नियमों को सख्ती से लागू कर रही है। बिना लिखित अनुमति के साउंड सिस्टम का उपयोग करने वालों पर 10,000 रुपये और साइलेंस जोन में शोर मचाने वालों पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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