दीपेंद्र हुड्डा की नजरबंदी के दावों को दिल्ली पुलिस ने बताया भ्रामक, कहा- नहीं की गई कोई कार्रवाई

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी के बीच कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा की नजरबंदी (House Arrest) को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए जा रहे थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन सभी खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दीपेंद्र हुड्डा या किसी भी अन्य राजनेता को नजरबंद नहीं किया गया है और इस तरह की खबरें पूरी तरह से आधारहीन और भ्रामक हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे साझा करें।
यह पूरा विवाद उस समय सामने आया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और INDIA गठबंधन द्वारा चुनाव आयोग की कुछ प्रक्रियाओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) में गड़बड़ियां की जा रही हैं और इसे 'वोट चोरी' का प्रयास बताया जा रहा है। इसी तनाव के बीच नजरबंदी की खबरें उड़ने लगी थीं, जिस पर दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए अपनी सफाई पेश की।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, सुरक्षा कड़ी
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पुलिस ने एक पत्र में उल्लेख किया कि पहले भी एक दिन के प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन वह भीड़ करीब एक महीने तक टिकी रही, जिससे 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस का यह भी दावा है कि पिछले प्रदर्शनों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले करीब 2,000 लोग शामिल हुए थे, जिससे हिंसा भड़की थी।
संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पूरी राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर और दिल्ली-हरियाणा व उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जंतर मंतर समेत शहर के तमाम रणनीतिक पॉइंट्स पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।