दिल्ली पुलिस की बड़ी मांग, Hauz Rani जंगल क्षेत्र में सुरक्षा के लिए 32 सीसीटीवी और 18 लाइटें लगाने के निर्देश

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में हुए आपराधिक मामलों के बाद सुरक्षा ऑडिट किया है, जिसमें दक्षिण दिल्ली के हौज रानी वन क्षेत्र में सुरक्षा और रोशनी की भारी कमी पाई गई है। अधिकारियों ने संबंधित सरकारी एजेंसियों को पत्र लिखकर 'सेफ सिटी' परियोजना के तहत तुरंत 32 सीसीटीवी कैमरे लगाने और 18 हाई-मास्ट लाइटें लगाने की मांग की है ताकि अंधेरे और सुरक्षा की कमियों को दूर किया जा सके। हौज रानी जंगल क्षेत्र में सुरक्षा कमियों को दूर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने 32 सीसीटीवी कैमरे और 18 लाइटें लगाने की मांग की है।
यह मांग राजधानी के सार्वजनिक पार्कों में सुरक्षा ऑडिट को तेज करने के बाद आई है। 21 सितंबर 2026 को आस्थ कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ हुए गैंगरेप के बाद यह कदम उठाया गया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POSCO) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। 21 सितंबर 2026 को आस्थ कुंज पार्क में हुई घटना के बाद सार्वजनिक पार्कों में सुरक्षा ऑडिट तेज किया गया है।
दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि शहर के ज्यादातर सार्वजनिक पार्कों में रोजाना आने वाले लोगों की भारी भीड़ के बावजूद रोशनी की भारी कमी है और सीसीटीवी निगरानी का अभाव है। हालांकि अधिकारी इन सुरक्षा कमियों को गंभीर मान रहे हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे के रखरखाव और निगरानी को लागू करने की जिम्मेदारी को लेकर पुलिस और नागरिक एजेंसियों जैसे दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के बीच विवाद बना हुआ है। पुलिस और नागरिक एजेंसियों के बीच बुनियादी ढांचे के रखरखाव को लेकर विवाद है।