पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं, युवाओं को गुमराह कर रहे बाहरी तत्व: डीसीपी सृष्टि पांडे

Kittu Kumari8 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं, युवाओं को गुमराह कर रहे बाहरी तत्व: डीसीपी सृष्टि पांडे

देश की राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली पुलिस की डीसीपी सृष्टि पांडे ने गुरुवार को एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को कुछ "गलत प्रभाव" के जरिए गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे अपने कार्यों के दीर्घकालिक और कानूनी परिणामों पर विचार करें, क्योंकि कानून हाथ में लेना उनके भविष्य के लिए घातक हो सकता है।

डीसीपी पांडे ने प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हुई बदसलूकी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वर्दी पहने अधिकारियों, जो अपनी कानूनी ड्यूटी कर रहे हैं, उन्हें गाली देना या उन पर हमला करना समाज में कोई सकारात्मक संदेश नहीं देता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस हमेशा जनता के साथ रही है और दिल्ली पुलिस ने कभी किसी को निराश नहीं किया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अवैध गतिविधियों से दूर रहें और कानून का सम्मान करें।

AI जनित फर्जी खबरों और धारा 163 पर चेतावनी

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आज के डिजिटल दौर में डीसीपी ने एआई (AI) द्वारा बनाए गए फर्जी वीडियो और तस्वीरों के प्रति भी जनता को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि आजकल एआई टूल्स का इस्तेमाल इतना आसान हो गया है कि कोई व्यक्ति दिल्ली में मौजूद न होते हुए भी दूर बैठकर फर्जी कंटेंट बना सकता है और लोगों को भड़का सकता है। उन्होंने अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें और केवल दिल्ली पुलिस के आधिकारिक हैंडल से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।

आगामी 10 अक्टूबर को प्रस्तावित सीजेपी (CJP) विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर डीसीपी ने साफ कर दिया कि दिल्ली में वर्तमान में धारा 163 लागू है। इसका मतलब है कि जंतर मंतर या शहर के किसी भी अन्य स्थान पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह का जमावड़ा अवैध माना जाएगा और पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगी।

इस बीच, बुधवार को कांग्रेस समर्थकों के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले की खबरें सामने आई हैं। कांस्टेबल अंकित कसाना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया, उनके साथ गाली-गलौज की, उनकी वर्दी फाड़ी और उन्हें काट लिया। इस घटना के बाद उन्हें आरएमएल (RML) अस्पताल ले जाना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन एफआईआर दर्ज की हैं।

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