नंगलोई में दिल्ली पुलिस SI मयंक ने सिखाए साइबर सुरक्षा और नए कानूनों के गुर
नंगलोई पुलिस स्टेशन के SI मयंक ने नए कानूनों और साइबर अपराध से बचने के तरीकों पर जागरूकता सत्र आयोजित किया।

आज के डिजिटल दौर में जहां सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए दिल्ली पुलिस के नंगलोई पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर (SI) मयंक ने एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया। यह कार्यक्रम नंगलोई स्थित दिल्ली पुलिस लाइब्रेरी में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल दुनिया के खतरों से आगाह करना और उन्हें नए कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना था।
यह पूरा आयोजन 'खाकी के रंग, शहीदों के संग' थीम के तहत चल रहे स्मृति सप्ताह (Commemoration Week) के अवसर पर किया गया। सत्र के दौरान SI मयंक ने उपस्थित लोगों को विस्तार से बताया कि कैसे साइबर अपराधी मासूम लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और उनसे बचने के लिए किन सावधानियों को बरतना जरूरी है। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के महत्व पर जोर दिया, ताकि लोग अपनी मेहनत की कमाई और निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकें।
जागरूकता से ही संभव है साइबर ठगी से बचाव
इस कार्यक्रम में कुल 65 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सत्र के दौरान केवल साइबर अपराध ही नहीं, बल्कि हाल ही में लागू हुए नए कानूनों के बारे में भी चर्चा की गई। SI मयंक ने उपस्थित लोगों को प्रेरित किया कि वे एक जिम्मेदार नागरिक बनें और कानून की सही जानकारी रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि हम सतर्क और जागरूक रहेंगे, तो अपराधियों के लिए जाल बिछाना मुश्किल होगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे न केवल खुद सुरक्षित रहें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और परिवार को भी इन डिजिटल खतरों के प्रति सचेत करें। दिल्ली पुलिस की यह पहल समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने और अपराधों की रोकथाम की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।