पुलिस स्मृति दिवस: दिल्ली पुलिस ने 154 जांबाजों की शहादत को किया सलाम

देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों की याद में दिल्ली पुलिस ने एक भावुक और गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया। किंग्सवे कैंप के परेड ग्राउंड में आयोजित इस 'पुलिस स्मृति दिवस' समारोह में उन 154 पुलिसकर्मियों को याद किया गया, जिन्होंने 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
इस खास मौके पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार (IPS) ने शहीदों के नाम पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित किए। समारोह में एक भव्य संयुक्त परेड निकाली गई, जिसमें BSF, CISF, CRPF, ITBP, SSB, NSG, असम राइफल्स, RPF और NDRF के जवानों ने हिस्सा लिया।
शहादत की गौरवशाली गाथा और आंकड़े
देशभर में सम्मानित किए गए 154 जवानों में दिल्ली पुलिस के तीन वीर शामिल थे—असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अशोक कुमार, कॉन्स्टेबल संदीप दहिया और कॉन्स्टेबल मोहर सिंह मीणा। आंकड़ों की बात करें तो इस सूची में BSF के 25, बिहार पुलिस के 12, जम्मू-कश्मीर पुलिस और ITBP के 9-9 और RPF के 8 जवान शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर डॉ. महेश दीक्षित ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद से अब तक कुल 36,852 पुलिसकर्मियों ने देश की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई है।
आपको बता दें कि इस दिवस की शुरुआत 21 अक्टूबर 1959 को हुई थी, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले में CRPF के 10 जवान शहीद हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन शहीदों के योगदान की सराहना की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी भूमिका को याद किया।
इस मौके पर पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी और पूर्व पुलिस कमिश्नर टी.आर. कक्कड़, आर.एस. गुप्ता, नीरज कुमार, एस.एन. श्रीवास्तव, राकेश अस्थाना और संजय अरोड़ा जैसे दिग्गज अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्री ने 'नशे के खिलाफ लड़ाई' (Fight Against Drugs) थीम पर आधारित एक राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब 22 से 30 अक्टूबर तक नई दिल्ली स्थित नेशनल पुलिस मेमोरियल में शहीदों के परिवारों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।