साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल: सैद-उल-अजाएब बिल्डिंग हादसे में दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट में 30 मई 2026 को हुए सैद-उल-अजाएब बिल्डिंग ढलने की घटना के संबंध में आधिकारिक तौर पर चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में बिल्डिंग मालिक करमवीर सिंह और बिल्डर मनीष खत्री तथा अविनाश गुप्ता समेत तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर इरादतन हत्या और निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप तय किए गए हैं। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इससे पहले एक मजिस्ट्रेट जांच में अवैध निर्माण रोकने में विफलता के लिए नगर निगम (MCD) को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था।
पीड़ित परिवारों का संघर्ष और मुआवजा विवाद
हादसे के शिकार लोगों के परिवार गहरे दुख और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। मृतक मेडिकल छात्र रवि प्रकाश वर्मा के पिता ने दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए 10 लाख रुपये के मुआवजे को बेटे की जान और भविष्य के नुकसान के मुकाबले बेहद कम बताया है। वहीं दूसरी तरफ, हादसे में जिंदा बचे छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और निजी अस्पतालों के भारी-भरकम मेडिकल बिल, स्थाई शारीरिक विकलांगता तथा पढ़ाई छूटने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
कोर्ट में सुनवाई और आगे की कार्यवाही
यह मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। पीड़ित परिवारों ने अदालत में किसी भी जमानत याचिका का कड़ा विरोध करने का संकल्प लिया है। वहीं साकेत कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 22 अगस्त को तय की गई है।