संगीतकार विक्रम सिंह मर्डर केस: दिल्ली पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

Kittu Kumari19 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
संगीतकार विक्रम सिंह मर्डर केस: दिल्ली पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में रहने वाले मणिपुरी संगीतकार और संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साकेत कोर्ट में 500 पन्नों से अधिक की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इस कानूनी दस्तावेज को 1 अक्टूबर, 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनम रईस खान के समक्ष पेश किया गया, जिसमें 30 से अधिक गवाहों के बयान शामिल हैं। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस मामले को आगे की कार्यवाही के लिए सत्र न्यायालय (Sessions Court) में स्थानांतरित कर दिया गया है।

इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पकड़े गए आरोपियों में भारत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी पीड़ित के घर के पास स्थित एक स्थानीय ढाबे पर काम करते थे।

शोर मचाने पर टोकना बना मौत की वजह

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पुलिस जांच के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात 6 सितंबर, 2026 को हुई थी। बताया जा रहा है कि 54 वर्षीय विक्रम सिंह ने अपने घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे की शिकायत की थी, जिसके बाद आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सिंह को होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया, जहां अगले दिन उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि छाती और पेट पर गंभीर चोटों (ब्लंट फोर्स ट्रॉमा) के कारण उन्हें हेमरेजिक शॉक लगा था, जिससे उनकी पसलियां टूट गई थीं और तिल्ली (Spleen) फट गई थी।

मृतक के बेटे यैफबा ने दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया था कि उनके पिता को पहले भी इस समूह द्वारा धमकी दी गई थी क्योंकि उन्होंने शोर मचाने पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ढाबा मालिक से अनौपचारिक रूप से बात की थी, लेकिन पुलिस में कोई लिखित शिकायत नहीं की थी।

पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें आपराधिक साजिश (धारा 61), हत्या (धारा 103(1)), पांच या अधिक व्यक्तियों द्वारा समूह में हत्या (धारा 103(2)) और अपराध करने के इरादे से घर में घुसपैठ (धारा 332(a)) शामिल हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों का इरादा उन्हें "सबक सिखाना" था, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि हमला इतना घातक होगा। इसके साथ ही जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इस हमले के पीछे कोई नस्लीय नफरत या मकसद था।

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