दिल्ली पुलिस ने नाबालिग से रेप केस में बस ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

दिल्ली में 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ चलती बस में हुए बलात्कार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस ने 398 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है जिसमें बस ड्राइवर और कंडक्टर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की अधिक जानकारी एएनआई न्यूज पर उपलब्ध है। यह घटना 4 अगस्त 2026 की है जब पीड़िता उत्तर प्रदेश से अपने चचेरे भाई से मिलने जा रही थी। आरोपियों ने बस का रास्ता बदलकर उसे ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर घुमाया और उसके बाद घटना को अंजाम दिया।
डीएनए सबूत और आरोपियों की पहचान
जांच के दौरान पुलिस ने फोरेंसिक सबूतों को मुख्य आधार बनाया है। चार्जशीट में डीएनए सबूत, सीमन के नमूने और बालों को शामिल किया गया है जो आरोपियों को अपराध से जोड़ते हैं। आरोपियों की पहचान बस ड्राइवर कुलदीप (39 वर्ष) और कंडक्टर संदीप (26 वर्ष) के रूप में हुई है जो कानपुर के रहने वाले हैं। घटना के तुरंत बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच करके दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस चार्जशीट में पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों सहित कुल 50 गवाहों के नाम दर्ज किए गए हैं।
कानूनी धाराएं और वाहन की कमियां
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की अपहरण और गलत तरीके से बंधक बनाने की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। तीस हजारी कोर्ट में 7 अक्टूबर 2026 को इस मामले में आरोप तय करने को लेकर बहस होगी। जांच में बस की बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसमें 11 चालान पेंडिंग थे और बस में पैनिक बटन व व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम नहीं था। इसके अलावा बस का सीसीटीवी खराब था, खिड़कियों पर भारी पर्दे थे और स्टाफ की पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2026 को इस घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है।