Delhi Police ने Bareilly में ऑनलाइन Adoption Racket का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन child adoption scam का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश के Bareilly से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 31 जुलाई 2026 को की गई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 46 वर्षीय सचिन और 52 वर्षीय physiotherapist राकेश कुमार उर्फ डॉ. आर.के. के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, राकेश कुमार इस घोटाले के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का काम करता था।
कैसे चलता था यह फर्जीवाड़ा
यह रैकेट पिछले साल 2025 में करीब 9 से 10 महीने तक सक्रिय रहा और इसने देश भर में लगभग 25 लोगों के साथ ठगी की। दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र की एक 30 वर्षीय महिला से इस रैकेट ने 1.37 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो mobile phones, पांच SIM cards, एक bank passbook, छह debit cards, दो PAN cards और अस्पतालों तथा डॉक्टरों की 14 rubber stamps बरामद की हैं। आरोपी खुद को कानूनी adoption के लिए facilitator बताते थे और माता-पिता को धोखा देने के लिए फर्जी NGO documentation, ultrasound reports और अन्य fake medical documents देते थे।
कानूनी प्रक्रिया और पुलिस की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारत में adoption केवल Juvenile Justice Act, 2015 के तहत आने वाले statutory body, Central Adoption Resource Authority (CARA) द्वारा ही संचालित होता है। इस आधिकारिक ढांचे के बाहर किया गया कोई भी adoption कानूनी रूप से मान्य नहीं है (Source: CARA)। Cybercrime विशेषज्ञों के अनुसार, adoption जैसी भावनात्मक स्थितियों में अपराधी social engineering का इस्तेमाल करते हैं। दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि adoption से जुड़ी किसी भी संदिग्ध मांग या advance payment के लिए National Cyber Crime Helpline नंबर 1930 या National Cyber Crime Reporting Portal पर तुरंत शिकायत करें।