Delhi Police का बड़ा एक्शन: चोरी के फोन से ठगी करने वाला अंतरराज्यीय Cyber Fraud Syndicate बेनकाब, 9 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने 10 अगस्त 2026 को एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है और 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चोरी किए गए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे निकालता था। Central Zone के Deputy Commissioner of Police Rohit Rajbir Singh ने बताया कि National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) पर दर्ज लगभग 19 शिकायतें इस नेटवर्क से जुड़ी हैं। ये मामले महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, तमिलनाडु, तेलंगाना और ओडिशा से जुड़े हैं, जिनमें कुल 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी शामिल है (Source: ANI News)।
कैसे काम करता था Cyber Fraud सिंडिकेट?
यह सिंडिकेट तीन स्तरों पर काम करता था। एक ग्रुप मोबाइल फोन चुराता था, दूसरा अवैध लेनदेन के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराता था और जयपुर की एक तकनीकी टीम पैसे ट्रांसफर करती थी। जांचकर्ताओं को बिना सिम कार्ड के बैंक खातों तक पहुंचने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल का संदेह है। दिल्ली, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में छापेमारी के दौरान पुलिस ने 4 लैपटॉप, 2 टैबलेट, 52 मोबाइल फोन, 70 डेबिट कार्ड, 145 सिम कार्ड, 6 PoS मशीनें, 13 बैंक पासबुक और 4 लाख रुपये नकद बरामद किए। आरोपी मेरठ, गाजियाबाद और जयपुर से अपने ठिकानों के जरिए धोखाधड़ी की रकम निकालते थे।
अन्य मामले और Cybersecurity पर गृह मंत्री का बयान
7 अगस्त 2026 को एक अन्य मामले में एक नाइजीरियाई नागरिक सहित चार और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। इनसे कस्टम्स क्लीयरेंस के नाम पर 1.46 लाख रुपये की ठगी के मामले में पूछताछ हुई और 7 मोबाइल फोन बरामद किए गए। Union Home and Cooperation Minister Amit Shah ने 8 अगस्त 2026 को एक Security Operations Centre (SOC) के लॉन्च की घोषणा की, जो शहरी सहकारी बैंकों के लिए 24/7 साइबर निगरानी प्रदान करेगा (Source: NewsOnAIR)। डिजिटल ट्रांजैक्शन फ्रॉड बढ़ने के कारण National Forensic Science University (NFSU) के साथ सहयोग और फोरेंसिक विज्ञान सहायता को महत्वपूर्ण बताया गया है। नेटवर्क के दायरे और अन्य पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है।