दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जीवन रक्षक कैंसर की नकली और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। 25 अगस्त 2026 को पुलिस ने मध्य प्रदेश के एक डॉक्टर मनीष शर्मा को गिरफ्तार किया और उनके पास से 17 लाख रुपये मूल्य की प्रतिबंधित विदेशी दवाएं बरामद कीं। यह दवाएं भारत में बिक्री के लिए स्वीकृत नहीं हैं और अमेरिका में इनकी कीमत बहुत अधिक है।
क्राइम ब्रांच की इंटर-राज्य सेल और एजीएस यूनिट द्वारा चलाए गए इस अभियान के तहत दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, हैदराबाद, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से अस्पताल के कर्मचारियों और मेडिकल स्टोर संचालकों समेत कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में सामने आया कि इस गिरोह के तार तुर्की और अमेरिका से जुड़े हुए थे जो unauthorized चैनलों, अस्पताल से चोरी और सरकारी गोदामों से दवाओं की हेराफेरी करते थे।
डीसीपी क्राइम आदित्य गौतम ने बताया कि यह गिरोह बाजार में नकली और डायवर्ट की गई ऑन्कोलॉजी दवाएं सप्लाई करता था। अगस्त 2026 के मध्य में एजेंसी ने लगभग 9 करोड़ रुपये की दवाएं और 50 लाख रुपये नकद जब्त किए, जिनमें Darzalex, Keytruda, Imfinzi, Erbitux, Opdyta, Gazyva, Bavencio और Adcetris जैसी महंगी कैंसर की दवाएं शामिल हैं।
PIB रिलीज के अनुसार, भारतीय औषधि महानियंत्रक ने सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलर्स को अवैध और चोरी की दवाओं की बिक्री पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है। इसके अलावा राष्ट्रीय औषधीय मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर 2013 के तहत कीमतों को नियंत्रित करना जारी रखा है और कैंसर के उपचार के 526 ब्रांडों सहित 935 दवाओं के दाम तय किए हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए
PIB रिलीज़ देख सकते हैं। दिल्ली सरकार ने नकली दवाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और आगे भी सघन निरीक्षण अभियान जारी रखने की बात कही है।