दिल्ली पुलिस ने इंटरस्टेट अवैध हथियार तस्करी रैकेट का किया पर्दाफाश, सरगना समेत आठ गिरफ्तार

Kittu Kumari4 August 20262 min read55 viewsDelhi Local
दिल्ली पुलिस ने इंटरस्टेट अवैध हथियार तस्करी रैकेट का किया पर्दाफाश, सरगना समेत आठ गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 4 अगस्त 2026 को एक बड़े इंटरस्टेट अवैध हथियार तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसके तहत कथित सरगना समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन में 18 अवैध हथियार, 10 अतिरिक्त मैगजीन, 6 जिंदा कारतूस और एक लोहे की द्रांती बरामद की गई है। दिल्ली पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले सामने आई है।

* दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 4 अगस्त 2026 को अवैध हथियार तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया।

* गिरोह के सरगना समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

* 18 अवैध हथियार, 10 मैगजीन, 6 कारतूस और एक लोहे की द्रांती बरामद हुई।

* हथियार मध्य प्रदेश से लाए जाते थे और 5 राज्यों में सप्लाई होते थे।

तस्करों की गिरफ्तारी और जांच का विवरण

यह व्यापक जांच एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट और स्पेशल सेल की ईस्टर्न रेंज की टीम (जिसमें इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार तेवतिया और अजित कुमार शामिल थे) के नेतृत्व में कई हफ्तों तक चली। पहला ब्रेकथ्रू 5 जुलाई 2026 को हरीश चंद्र की गिरफ्तारी के साथ मिला, जिसने नेटवर्क के कामकाज का खुलासा किया। इसके बाद 7 जुलाई 2026 को प्रीतपाल सिंह को पकड़ा गया। गिरफ्तार आठ लोगों में अलीगढ़ के रहने वाले और फिलहाल बल्लभगढ़ (हरियाणा) में रहने वाले 10वीं पास कथित मास्टरमाइंड शिशपाल सिंह उर्फ यश चौधरी भी शामिल था। हरीश के भाई भगत सिंह को भी मध्य प्रदेश से हथियार खरीदने में मदद करने के लिए आरोपी बनाया गया है।

हथियारों की सप्लाई और कानूनी कार्रवाई

यह सिंडिकेट कथित तौर पर मध्य प्रदेश से अवैध हथियार लाता था और दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब समेत पांच राज्यों में उनकी सप्लाई करता था। आरोपी छिपकर बातचीत करने के लिए सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करते थे। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(8) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) और 111 (ऑर्गेनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिशपाल सिंह को साल 2021 में मथुरा में अवैध हथियार तस्करी के मामले में पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे पता चलता है कि उसने जेल से छूटने के बाद अपना क्रिमिनल नेटवर्क फिर से बना लिया था।

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