दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने तीन नाइजीरियाई नागरिकों और एक भारतीय को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 1.5 करोड़ की MDMA और कोकीन बरामद हुई है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन नाइजीरियाई नागरिकों और उनके एक भारतीय सहयोगी को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 1.5 करोड़ रुपये की कीमत वाली एमडीएमए (MDMA) और कोकीन बरामद की गई है।
पुलिस को 25 सितंबर को एक गुप्त सूचना मिली थी कि न्नामडी ओसिता, जिसे जोहान पीटर के नाम से भी जाना जाता है, दिल्ली-एनसीआर में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहा है। स्पेशल सीपी (क्राइम) एचजीएस ढालिवाल ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने विकासपुरी इलाके के पास एक ड्रग डिलीवरी की योजना बनाई थी। जब पुलिस टीम ने चंदर विहार इलाके में छापेमारी की, तो वहां तीन नाइजीरियाई नागरिक—46 वर्षीय न्नामडी ओसिता, 33 वर्षीय विक्टर ओकाफोरो और 32 वर्षीय ओबिन्ना माइक अर्नेस्ट—पकड़े गए।
नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस को चौंकाने वाली बरामदगी हुई। ओसिता के पास से 55 ग्राम, ओकाफोरो से 301 ग्राम एमडीएमए और अर्नेस्ट से 105 ग्राम कोकीन जब्त की गई। पुलिस ने जब इन आरोपियों से पूछताछ की, तो उन्होंने अपने भारतीय साथी का नाम लिया। इसके बाद पुलिस ने निलोथी स्थित आवास से 23 वर्षीय अत्तर सिंह उर्फ लकी को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 61 ग्राम एमडीएमए और बरामद हुई।
जांच में यह बात सामने आई कि यह सिंडिकेट थोक और खुदरा दोनों स्तरों पर ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच करने पर पता चला कि न्नामडी ओसिता 2013 में और ओबिन्ना माइक अर्नेस्ट 2016 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन वे अपने वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से देश में रह रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और इमिग्रेशन एवं फॉरेनर्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है।