दिल्ली पुलिस ने नेपाल-भारत ड्रग सिंडिकेट का किया पर्दाफाश, 100 करोड़ की चरस जब्त और 4 आरोपी गिरफ्तार

Kittu Kumari14 August 20262 min read101 viewsDelhi Local
दिल्ली पुलिस ने नेपाल-भारत ड्रग सिंडिकेट का किया पर्दाफाश, 100 करोड़ की चरस जब्त और 4 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस साउथ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने नेपाल और भारत के बीच चल रहे एक बड़े इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की 106.25 किलोग्राम हाई-क्वालिटी चरस जब्त की है।

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  • दिल्ली पुलिस ने नेपाल-भारत ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।
  • कुल 106.25 किलोग्राम चरस जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹100 करोड़ है।
  • भारत थापा, गोविंद बुद्ध, ज्योति पुन मगर और रोशनी मगर समेत 4 संदिग्ध गिरफ्तार।
  • गृह मंत्री अमित शाह ने ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया के प्रत्यर्पण की पुष्टि की।
  • दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई और बरामदगी

    जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस विजय कुमार ने पुष्टि की कि इस ऑपरेशन में दो चरण शामिल थे। पुलिस ने 12 अगस्त को 97.652 किलोग्राम चरस की एक बड़ी खेप बरामद की और जून में अतिरिक्त 8.598 किलोग्राम चरस जब्त की थी। इस मामले में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके नाम भारत थापा, गोविंद बुद्ध, ज्योति पुन मगर और रोशनी मगर हैं। इनमें से रोशनी मगर वज़ीराबाद में एक मुख्य डिस्ट्रीब्यूशन हब को संभालती थी।

    ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया का दुबई से प्रत्यर्पण

    14 अगस्त 2026 को घोषित एक अन्य एंटी-नारकोटिक्स उपलब्धि में, गृह मंत्री अमित शाह ने वांटेड ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया के दुबई से सफल प्रत्यर्पण की पुष्टि की। बसोया एक बिजनेसमैन है, जिस पर ₹13,000 करोड़ के ड्रग्स जब्ती मामले से जुड़े एक बड़े ड्रग कार्टेल को फाइनेंस करने का आरोप है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रयासों से उसे न्याय के कटघरे में लाया गया है। इस कार्टेल के 19 में से 14 सदस्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं।

    साउथ इंडिया और गुजरात में फार्मास्युटिकल फर्मों का इस्तेमाल

    यह कार्टेल साउथ इंडिया और गुजरात में फार्मास्युटिकल फर्मों का उपयोग करके 2024 में 1,289 किलोग्राम कोकीन और 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक थाई मारिजुआना की तस्करी में शामिल था। यह पूरा ऑपरेशन इंटरनेशनल ड्रग तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ भारतीय सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति को उजागर करता है

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