दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का किया भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार

Kittu Kumari13 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का किया भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था और इसके तार कंबोडिया समेत दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों से जुड़े हुए थे। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि ठगी करने वाले टेलीग्राम हैंडल का इस्तेमाल कर रहे थे, जो सीधे तौर पर विदेशी अपराधियों से जुड़े थे।

इस गिरोह ने लोगों को ठगने के लिए 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे खतरनाक तरीके अपनाए। जालसाज खुद को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस के एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) के अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे। वे पीड़ितों को यह झांसा देते थे कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग या आतंकी फंडिंग में हुआ है और उन्हें डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। इसके अलावा, यह गैंग निवेश के नाम पर भारी रिटर्न का लालच देकर भी लोगों को अपना शिकार बनाता था।

APK टूल्स और फर्जी बैंक खातों का जाल

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ठगी को अंजाम देने के लिए यह सिंडिकेट तकनीक का सहारा ले रहा था। वे पीड़ितों के फोन में APK टूल्स इंस्टॉल करवा देते थे, जिससे वे आसानी से एसएमएस और ओटीपी (OTP) इंटरसेप्ट कर लेते थे। इसके बाद अवैध बैंक खातों के नेटवर्क के जरिए पैसों को तेजी से इधर-उधर किया जाता था। पुलिस की जांच में पता चला है कि इस गिरोह का संबंध देशभर में दर्ज 78 अलग-अलग शिकायतों से है, जिनमें कुल 73 करोड़ रुपये की ठगी की गई है।

पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 10 करोड़ रुपये बचाने में सफलता हासिल की है। इसमें आंध्र प्रदेश के एक 79 वर्षीय व्यक्ति से ठगे गए 10.25 करोड़ रुपये में से 7.25 करोड़ रुपये रिकवर किए गए। इसके अलावा, एचडीएफसी और एसबीआई के खातों में 1.96 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए हैं। अन्य मामलों में एक रिटायर्ड वैज्ञानिक से 1.25 करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति से 21 लाख रुपये और दिल्ली में 77 लाख रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं।

पकड़े गए 11 आरोपियों में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले और फंड वितरण का काम करने वाले लोग शामिल हैं। इनमें से पांच लोगों को द्वारका के एक फ्लैट से दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के एटा निवासी अनिश खान, उत्तर दिनाजपुर के मोहम्मद महफूज-उर-रहमान और इजहार आलम, जम्मू-कश्मीर के कठुआ निवासी अल्ताफ हुसैन और मुजफ्फरनगर के इंतखाब शामिल हैं। डीसीपी गौरव त्यागी ने बताया कि समन्वित प्रयासों की वजह से ही इन ठगी की रकम को फ्रीज कराने में सफलता मिली है।

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