दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: लखनऊ में पकड़ी ड्रग्स फैक्ट्री, 50 करोड़ की हेरोइन जब्त

दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ ने नशे के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में चल रही एक अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए करीब 50 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत वाली हेरोइन बरामद की है। इस पूरे ऑपरेशन में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक नशे का जाल फैला रखा था।
इस पूरे मामले की शुरुआत 16 सितंबर 2026 को हुई, जब पुलिस ने बेगमपुर इलाके से लक्ष्मण हुड्डा नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसके पास से 300 ग्राम हेरोइन और 3 लाख रुपये नकद मिले। यहीं से पुलिस को इस बड़े रैकेट की भनक लगी। अगले ही दिन 17 सितंबर को पुलिस ने सोनीपत में छापेमारी कर अनिल उर्फ भोला को दबोचा, जिसकी एसयूवी कार से 501 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इन गिरफ्तारियों और पूछताछ के बाद पुलिस को लखनऊ के सीता कॉलोनी, जानकीपुरम में चल रही एक गुप्त फैक्ट्री की जानकारी मिली।
लखनऊ रेड में बरामद हुए भारी मात्रा में ड्रग्स और उपकरण
4 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने लखनऊ स्थित उस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर धावा बोला। इस छापेमारी के दौरान पुलिस को 6.275 किलोग्राम ताजी बनी हेरोइन मिली। इस तरह इस पूरे ऑपरेशन में कुल 7.076 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ। ड्रग्स के अलावा पुलिस ने फैक्ट्री से 2.504 किलोग्राम सोडियम, 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जैसे मिक्सर ग्राइंडर, गैस सिलेंडर, इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन और अन्य बर्तन भी जब्त किए हैं।
लखनऊ रेड के दौरान पुलिस ने बबलू और रुखसार अली उर्फ राजू को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि रुखसार अली ही इस पूरी फैक्ट्री का मालिक और मुख्य सप्लायर था। पुलिस को उसे पकड़ने के लिए बरेली तक करीब 120 किलोमीटर का पीछा करना पड़ा, जिसके बाद उसे दबोचा गया। इस मामले में बेगमपुर थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 21, 25 और 29 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।