दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: सोनिपत और दिल्ली में जाली नोटों के दो बड़े गिरोह ढेर

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में नकली नोटों के कारोबार पर दिल्ली पुलिस ने जोरदार प्रहार किया है। पुलिस ने एक साथ दो अलग-अलग ऑपरेशनों में जाली नोट छापने वाले दो बड़े सिंडिकेट्स का भंडाफोड़ किया है। इन छापेमारी कार्रवाइयों में न केवल भारी मात्रा में नकली नोट बरामद हुए हैं, बल्कि नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाली हाई-टेक मशीनें और उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
पहली बड़ी कार्रवाई सोनिपत के सेक्टर-12 में हुई। दिल्ली के प्रशांत विहार पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 1 अक्टूबर 2026 को एक किराए के मकान पर छापा मारा गया। हैरान करने वाली बात यह थी कि यहाँ 'खर्ब एंटरप्राइजेज वॉटर सॉल्यूशन' के नाम से आरओ वॉटर प्लांट का बिजनेस चलाने का दिखावा किया जा रहा था, जबकि अंदर नकली नोटों की फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस ने यहाँ से साहिल खर्ब और गोसाई राम समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 500-500 रुपये के 1,476 जाली नोट (कुल 7.38 लाख रुपये) और नोट छापने की मशीन बरामद हुई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार हवाला कारोबार से जुड़े हैं और कितने नकली नोट बाजार में फैल चुके हैं।
ऑनलाइन वीडियो से सीखा नोट छापना, पटेल नगर में मिला दूसरा अड्डा
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने जनकपुरी से अंकित कुमार की गिरफ्तारी के बाद एक और बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। 2 अक्टूबर को बलजीत नगर, पटेल नगर में छापेमारी कर पुलिस ने गगनदीप सिंह (मन्नी), कुलवंत सिंह (काके) और अमित को दबोचा। यहाँ से पुलिस को 18.23 लाख रुपये मूल्य के नकली 500 और 100 रुपये के नोट मिले, जिनमें से कुछ पूरी तरह तैयार थे और कुछ आधे बने हुए थे।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस गिरोह के सदस्यों ने ऑनलाइन वीडियो देखकर नोट छापने की तकनीक सीखी थी। कुलवंत सिंह अपनी ग्राफिक डिजाइनिंग स्किल्स का इस्तेमाल कर रहा था, जबकि गगनदीप सिंह प्रिंटिंग का काम संभालता था। पुलिस ने मौके से लैपटॉप, हार्ड डिस्क (जिसमें प्रिंटिंग सॉफ्टवेयर था), वॉटरमार्क डाइज, कॉटन फाइबर शीट्स, सिक्योरिटी थ्रेड मटेरियल और हीट-लैमिनेटिंग मशीनें जब्त की हैं। इस पूरे खेल में मकान मालिक अमित की भी मिलीभगत पाई गई है।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व डीसीपी वेस्ट डिस्ट्रिक्ट हरेश्वर वी. स्वामी (IPS), एसीपी राजेश कुमार और इंस्पेक्टर अमित धानी की टीम ने किया। जनकपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।