दिल्ली पुलिस ने नकली नोटों का बड़ा रैकेट किया ध्वस्त, 18.23 लाख बरामद, 4 गिरफ्तार

राजधानी दिल्ली में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो हाई-टेक मशीनों के जरिए नकली नोट छापकर बाजार में खपा रहा था। दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने इस नकली नोटों का रैकेट चलाते चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से कुल 18.23 लाख रुपये की फेस वैल्यू के जाली नोट बरामद किए हैं।
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 को हुई, जब जनकपूरी इलाके में गश्त कर रही पुलिस ने अंकित कुमार (25) नाम के एक पार्किंग अटेंडेंट को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास 500-500 रुपये के 250 नकली नोट मिले, जिनकी कुल कीमत 1.25 लाख रुपये थी। मौके पर ही एफएसएल (FSL) एक्सपर्ट ने इन नोटों की पुष्टि नकली के रूप में की। जब पुलिस ने अंकित से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने खुलासा किया कि उसने 50 हजार रुपये देकर इस सिंडिकेट से 2.50 लाख के नकली नोट खरीदे थे।
ऑनलाइन गेमिंग के नुकसान की भरपाई के लिए बने अपराधी
अंकित की निशानदेही पर पुलिस ने 2 अक्टूबर को पटेल नगर के बलजीत नगर इलाके में एक किराए के मकान पर छापेमारी की। यहाँ से पुलिस ने गगनदीप सिंह उर्फ मन्नी (31) और कुलवंत सिंह उर्फ काके (44) को गिरफ्तार किया। मकान की तलाशी लेने पर पुलिस को 500 और 100 रुपये के नोटों की भारी खेप मिली, जिसमें कुछ नोट पूरी तरह छपे हुए थे और कुछ आधे अधूरे। बरामद नोटों की कुल कीमत 16,98,800 रुपये थी।
जांच में सामने आया कि गगनदीप को प्रिंटिंग का अनुभव था और कुलवंत ग्राफिक डिजाइनिंग व फोटोशॉप का जानकार था। इन दोनों ने ऑनलाइन गेमिंग में हुए भारी वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए अपराध का रास्ता चुना। हैरानी की बात यह है कि इन्होंने नकली नोट बनाने की बारीकियां ऑनलाइन ट्यूटोरियल्स के जरिए सीखी थीं।
पुलिस ने 3 अक्टूबर को इस पूरे खेल में शामिल मकान मालिक अमित (34) को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसे इस अवैध काम की पूरी जानकारी थी। पुलिस ने मौके से लैपटॉप, हार्ड डिस्क, वॉटरमार्क डाई, कॉटन फाइबर शीट, सिक्योरिटी थ्रेड मटेरियल, हीट-लैमिनेटिंग मशीन और हाई-एंड कलर प्रिंटर जैसे उपकरण जब्त किए हैं। जनकपूरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।