दिल्ली पुलिस ने जाली नोट गिरोह का किया भंडाफोड़, 18 लाख से ज्यादा के नकली नोट बरामद

राजधानी में दिल्ली पुलिस ने एक बड़े जाली नोट सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 18.23 लाख रुपये से अधिक के नकली नोट जब्त किए हैं। यह ऑपरेशन तब शुरू हुआ जब जनकपुरी इलाके में पुलिस की पैट्रोलिंग टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया, जिसके पास से भारी मात्रा में जाली नोट मिले।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (वेस्टर्न रेंज) सुमन गोयल के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 को जनकपुरी के C-2C ब्लॉक के गेट नंबर 2 के पास एक व्यक्ति को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से 500-500 रुपये के जाली नोट मिले, जिनकी कीमत करीब 1.25 लाख रुपये थी। जब इन नोटों को एफएसएल (FSL) विशेषज्ञों के पास भेजा गया, तो उनकी पुष्टि नकली होने के रूप में हुई, जिसके बाद जनकपुरी थाने में मामला दर्ज किया गया।
पटेल नगर में चल रही थी नोट छापने की फैक्ट्री
पकड़े गए आरोपी अंकित कुमार से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने खुलासा किया कि वह ये जाली नोट गगनदीप सिंह (उर्फ मन्नी) और कुलवंत सिंह (उर्फ काके) से लेता था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने 2 अक्टूबर को पटेल नगर के बलजीत नगर इलाके में छापेमारी की और नोट छापने वाली यूनिट का पता लगाया। वहां से पुलिस ने गगनदीप और कुलवंत को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक अमित (34 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया है। अमित को पता था कि उसके परिसर में अवैध काम चल रहा है। जांच में सामने आया कि अमित को ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटोशॉप का अच्छा ज्ञान है और वह 2012 में अवैध सिम कार्ड जारी करने के मामले में भी जेल जा चुका है।
वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने हेड कॉन्स्टेबल प्रवीण और विनोद की मदद से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस ने बलजीत नगर स्थित यूनिट से कुल 18,23,800 रुपये के नकली और अर्ध-निर्मित नोट बरामद किए, जिनमें 100 और 500 रुपये के नोट शामिल थे। इसके अलावा, नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें और कच्चा माल भी जब्त किया गया है। पुलिस ने 3 अक्टूबर को इस पूरी कार्रवाई का आधिकारिक खुलासा किया।