दिल्ली पुलिस ने तोड़ा साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क, 6 गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का खुलासा
दिल्ली पुलिस ने मयूल अकाउंट और फर्जी सिम का इस्तेमाल करने वाले साइबर ठगों को पकड़ा, करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा।

दिल्ली पुलिस की बाहरी उत्तरी जिला साइबर क्राइम यूनिट ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए साइबर धोखाधड़ी करने वाले कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। नवंबर की शुरुआत में चलाए गए अलग-अलग ऑपरेशनों में पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये शातिर ठग 'म्यूल' बैंक खातों, फर्जी सिम कार्ड और खतरनाक APK-आधारित मॉड्यूल के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इन गिरोहों का हाथ करीब 125 साइबर अपराध शिकायतों से जुड़ा है, जिसमें पीड़ित लोगों को कुल 1.59 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया। पुलिस ने छापेमारी के दौरान करीब 187 फर्जी सिम कार्ड और 70 ऐसे बैंक खाते बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए किया जा रहा था।
जेल से चल रहा था खेल, पंजाब तक पहुंची पुलिस
इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि एक संदिग्ध, जिसका नाम मोहित है, तिहाड़ जेल के अंदर से ही इस पूरे खेल को ऑपरेट कर रहा था। वहीं, एक अन्य आरोपी सौरव को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार किया गया। सौरव का संबंध एक APK-आधारित फ्रॉड मॉड्यूल से था, जिसके जरिए करीब 3.73 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए थे।
ठगों ने शाहबाद डेयरी इलाके के निवासियों को अपना निशाना बनाया और उन्हें बीमा या सरकारी योजनाओं के तहत पैसे मिलने का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए। पुलिस ने छापेमारी में 8 मोबाइल फोन, 8 एटीएम कार्ड, एक पीओएस (POS) मशीन, एक पॉकेट राउटर, 10,030 रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल जब्त की है।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस द्वारा चलाए गए बड़े अभियान 'ऑपरेशन साइहॉक 6.0' (Operation CyHawk 6.0) का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर में अवैध कॉल सेंटरों और सिम नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 944 गिरफ्तारियां की गई थीं। इससे पहले उत्तर-पश्चिम जिले की पुलिस ने भी एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया था, जिसमें बैंक मैनेजरों की मिलीभगत से 7.36 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी।