दिल्ली पुलिस ने ₹3.93 करोड़ के साइबर फ्रॉड गिरोह का किया भंडाफोड़, 7 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने ₹3.93 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

राजधानी दिल्ली की पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने की है। इस गिरोह ने एक कारोबारी के बैंक खाते से करीब 3.93 करोड़ रुपये उड़ा लिए थे, जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर इस शातिर गैंग को दबोचा।
मामले की शुरुआत 5 अक्टूबर 2026 को हुई, जब 28 वर्षीय कारोबारी प्रिंस बंसल ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके बैंक खाते से बिना अनुमति के 149 ट्रांजेक्शन हुए हैं, जिनमें कुल 3.93 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। इस गंभीर शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और करीब सात दिनों तक राजस्थान में छापेमारी की, जिसके बाद इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड बृजलाल समेत छह अन्य सदस्यों—पीयूष तलानिया, विपिन चंवरिया, सुनील, विक्रम, राकेश बहादुर और हेमंत सिंह को गिरफ्तार किया गया।
क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के जरिए की जा रही थी मनी लॉन्ड्रिंग
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। आरोपी बृजलाल विदेशी साइबर सिंडिकेट के संपर्क में था। चोरी किए गए पैसों को ठिकाने लगाने के लिए 'U Home' नामक विदेशी मनी एक्सचेंज ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस ऐप और हवाला नेटवर्क के जरिए पैसों को USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करते हुए 1.78 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन पर रोक (lien) लगा दी है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने इस अवैध नेटवर्क को चलाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे भारी मात्रा में सबूत बरामद किए हैं। जब्त की गई सामग्री में 45 चेकबुक, 25 बैंक पासबुक, 45 एटीएम कार्ड और 13 मोबाइल फोन शामिल हैं, जिनका उपयोग पैसों के हेरफेर और खातों के प्रबंधन के लिए किया जा रहा था।