दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: 3.93 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 7 सदस्य गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने 3.93 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

राजधानी में साइबर अपराधियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने एक हाई-टेक साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों को धर दबोचा है। यह पूरी कार्रवाई करोड़ों रुपये की एक बड़ी वित्तीय चोरी के खुलासे के बाद की गई है, जिसने पुलिस को अलर्ट कर दिया था।
मामले की शुरुआत तब हुई जब प्रिंस बंसल नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि 5 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 11 बजे उनके ICICI बैंक अकाउंट से 3,93,59,000 रुपये उड़ा लिए गए। चौंकाने वाली बात यह थी कि इस चोरी को अंजाम देने के लिए जालसाजों ने एक साथ 149 अनधिकृत ट्रांजेक्शन किए। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल की मदद से करीब 1.78 करोड़ रुपये फ्रीज (hold) कराने में सफलता पाई।
हवाला नेटवर्क और डिजिटल करेंसी का कनेक्शन
डीसीपी गौरव त्यागी ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड बृजलाल है। जांच के दौरान पता चला कि यह सिंडिकेट 'U-Home' नाम के एक विदेशी मनी एक्सचेंज एप्लिकेशन और हवाला नेटवर्क के जरिए पैसों की हेराफेरी कर रहा था। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या चोरी किए गए पैसों को USDT डिजिटल करेंसी में बदलकर विदेश भेजा गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की है, जिसमें शामिल हैं:
- 45 चेकबुक और 25 बैंक पासबुक
- 45 एटीएम कार्ड
- 13 मोबाइल फोन
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खेल में कितने 'म्यूल बैंक अकाउंट' (किराये के खाते) इस्तेमाल हुए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हुए हैं।