दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: राजस्थान से 7 गिरफ्तार, 3.93 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने राजस्थान से 7 ठगों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने एक कारोबारी के खाते से करोड़ों रुपये उड़ाए थे।

Kittu Kumari28 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: राजस्थान से 7 गिरफ्तार, 3.93 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा

दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान से सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक दिल्ली निवासी कारोबारी के बैंक खाते से करीब 3.93 करोड़ रुपये उड़ा लिए थे। यह पूरी कार्रवाई तब शुरू हुई जब पीड़ित कारोबारी प्रिंस बंसल ने शिकायत दर्ज कराई कि 5 अक्टूबर को उनके ICICI बैंक खाते से 149 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 3,93,59,000 रुपये निकाल लिए गए हैं।

पुलिस ने इस मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए करीब सात दिनों तक राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर और अन्य इलाकों में गहन जांच की। वित्तीय लेन-देन का पीछा करते हुए पुलिस इस गिरोह तक पहुंचने में कामयाब रही। इस पूरे खेल का मुख्य मास्टरमाइंड 29 वर्षीय बृज लाल बताया जा रहा है, जो राजस्थान के फलौदी का रहने वाला है। चौंकाने वाली बात यह है कि बृज लाल पहले से ही 95 लाख रुपये की एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में IFSO पुलिस की रडार पर था।

हवाला और क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल कर उड़ाए पैसे

जांच में सामने आया कि इस गैंग ने पैसों की हेराफेरी के लिए 'म्यूल बैंक अकाउंट्स', विदेशी मनी-एक्सचेंज ऐप्स और हवाला नेटवर्क का सहारा लिया। ठगी की रकम को छिपाने के लिए इसे टेदर (USDT) जैसी क्रिप्टोकरेंसी में भी बदला गया। पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान आरोपियों के पास से 45 चेकबुक, 25 बैंक पासबुक, 45 एटीएम कार्ड और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों पीयूष तलानिया और विपिन चंवरिया ने चोरी के पैसे निकालने और उन्हें बृज लाल तक पहुंचाने में मदद की थी।

IFSO के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) गौरव त्यागी ने बताया कि इस ऑपरेशन के जरिए म्यूल अकाउंट्स और अंतरराष्ट्रीय हवाला ऑपरेटरों के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है। पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की मदद से अब तक करीब 1.78 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए हैं। फिलहाल, जब्त किए गए मोबाइल फोन का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है ताकि इस साजिश में शामिल अन्य खाताधारकों और विदेशी नेटवर्क हैंडलर्स का पता लगाया जा सके।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment