दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पकड़ा अंतरराज्यीय एंटी-कैंसर ड्रग रैकेट, 17 गिरफ्तार और 9 करोड़ की दवाएं जब्त

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल ने अवैध रूप से महंगी एंटी-कैंसर दवाओं की खरीद, डायवर्जन, स्टोरेज और बिक्री करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया है और लगभग 9 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं जब्त की हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी ANI News रिपोर्ट में दी गई है।
- दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय एंटी-कैंसर ड्रग रैकेट का किया पर्दाफाश।
- कार्रवाई में 17 आरोपी गिरफ्तार, करीब 9 करोड़ रुपये की दवाएं बरामद।
- राजस्थान, दिल्ली और मुंबई में फैला था यह अवैध नेटवर्क।
- अस्पतालों से चुराई गई असली और नकली रीपैकेज्ड दवाएं शामिल।
ऑपरेशन की शुरुआत और आरोपियों की गिरफ्तारी
यह मामला अगस्त 2026 में सामने आया, जब नकली सरकारी सप्लाई की दवाओं के circulación को लेकर खुफिया जानकारी मिली थी। इसकी जांच मई 2026 की पिछली गिरफ्तारियों से शुरू हुई थी। स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) देवेस चंद्र श्रीवास्तव ने डीसीपी पंकज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई थी, जिसने राजस्थान, दिल्ली और मुंबई में सक्रिय इस नेटवर्क को ट्रैक किया। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अभिषेक, शुभम, सूरज, शांतनु और आयुष कर्ण शामिल हैं।
जब्त की गई महंगी दवाएं और नकदी
अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान 22 महंगी इंजेक्शन वायल जब्त की हैं, जिनकी खुले बाजार में कीमत प्रति वायल 1 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा 27.19 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है। बरामद की गई इन्वेंट्री में Bavencio (Avelumab), Darzalex, Imfinzi, Erbitux, Adcetris और Keytruda जैसे ब्रांड शामिल हैं। जांच में यह बात सामने आई कि यह रैकेट अस्पतालों से चुराई गई असली दवाओं और वैध इलाज के रूप में रीपैकेज की गई नकली दवाओं दोनों का इस्तेमाल करता था।
राजस्थान के अस्पताल से जुड़ा कनेक्शन और जांच
जांच में पता चला कि जब्त की गई वायल में से कम से कम चार बीकानेर के PBM अस्पताल स्थित आचार्य तुलसी क्षेत्रीय कैंसर अनुसंधान संस्थान का डायवर्ट किया गया सरकारी स्टॉक था, जिस पर से सरकारी सप्लाई के निशान जानबूझकर मिटाए गए थे। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जीवन रक्षक दवाओं के डायवर्जन की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। दिल्ली पुलिस ने आगे की जांच के लिए राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMSCL) और संबंधित अस्पताल के प्रबंधन से विस्तृत खरीद, बैच और वितरण रिकॉर्ड की औपचारिक मांग की है।