जनकपुरी में फर्जी इंश्योरेंस कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 43 ठग गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी में छापेमारी कर 43 ठगों को गिरफ्तार किया है, जो बीमा कंपनियों के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे थे।

पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली पुलिस ने एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बुधवार रात को इस ठिकाने पर छापेमारी कर कुल 43 लोगों को दबोचा है, जिनमें 32 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं। यह पूरा गिरोह नामी बीमा कंपनियों के नाम पर आम लोगों को अपना शिकार बना रहा था।
पुलिस की यह कार्रवाई पश्चिम जिले के डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी की देखरेख में की गई। जांच में पता चला है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड फरीदाबाद का रहने वाला विशाल कपूर है। पुलिस ने विशाल के साथ-साथ एडमिनिस्ट्रेटर नितिन शर्मा, एचआर मैनेजर गुंजन, असिस्टेंट मैनेजर अजय और मैनेजर भीम जैसे अहम करीबियों को भी गिरफ्तार किया है। ये लोग PNB MetLife, SBI Insurance, ICICI Lombard और Bharti AXA जैसी बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर लोगों को कॉल करते थे।
KYC और पॉलिसी अपग्रेड के नाम पर लूटते थे पैसे
पुलिस के मुताबिक, विशाल कपूर ने पहले पॉलिसीधारकों का डेटा और मोबाइल नंबर जुटाए थे। इसके बाद कॉल सेंटर के कर्मचारी इन नंबरों पर फोन कर लोगों को पॉलिसी अपग्रेड और अन्य लुभावने फायदों का लालच देते थे। इसी बहाने वे पीड़ितों से उनकी गोपनीय KYC डिटेल्स मांगते थे और उनसे पैसों का भुगतान करवाते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से भारी मात्रा में सामान मिला है, जिसमें 48 मोबाइल फोन (40 कीपैड और 8 स्मार्टफोन), एक लैपटॉप, 38 सिम कार्ड और 22 डेबिट-क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस ने 619 पन्ने पॉलिसीधारकों की जानकारी वाले, 67 रजिस्टर, 38 कंपनी आईडी कार्ड और 2 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
इस मामले में जनकपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 61(2) (आपराधिक साजिश) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने लोग इस जाल में फंसे और कितनी बड़ी ठगी की गई है।