दिल्ली पुलिस ने नकली सिक्कों के बड़े रैकेट का किया भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1 लाख रुपये के नकली सिक्के मिले हैं।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नकली सिक्के बनाने और उनकी सप्लाई करने वाले एक बड़े सिंडिकेट कोbust किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से करीब 1 लाख रुपये की फेस वैल्यू वाले 5,000 नकली 20 रुपये के सिक्के बरामद किए हैं। यह पूरी साजिश बहुत बारीकी से रची गई थी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से इस गिरोह का पर्दाफाश हो गया।
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 8 सितंबर 2026 को हुई, जब वेस्टर्न रेंज-I (WR-I) यूनिट ने मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के पास एक संदिग्ध कार को रोका। तलाशी लेने पर कार के अंदर 50 पॉलिथीन पाउच मिले, जिनमें भारी मात्रा में नकली सिक्के भरे हुए थे। इस खेप को ले जा रहा शख्स पारस जैन था, जो दिल्ली का ही रहने वाला है। पारस की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने पूछताछ की, तो इस रैकेट के असली मास्टरमाइंड का पता चला।
सोनीपत से सहारनपुर शिफ्ट हो रहा था कारखाना
डीसीपी (क्राइम) हर्ष इंदोरा के मुताबिक, इस पूरे गिरोह का सरगना उपकार लूथरा है, जिसे अभय प्रताप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। पंजाब का रहने वाला लूथरा न केवल इन सिक्कों का निर्माण कर रहा था, बल्कि उन्हें बाजार में सस्ते दामों पर बेचता था। गिरोह का तरीका यह था कि वे 1 लाख रुपये की फेस वैल्यू वाले सिक्कों को करीब 70,000 रुपये में बेच देते थे।
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि उपकार लूथरा अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को हरियाणा के सोनीपत से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर शिफ्ट करने की फिराक में था। इसी बीच, सहारनपुर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने छापेमारी कर लूथरा और उसके साथियों को उस वक्त दबोच लिया जब वे अपनी मशीनें और उपकरण शिफ्ट कर रहे थे। इस गिरोह में उत्तर प्रदेश का अनुराग पाल (उर्फ लंकेश) और बिहार का जनार्दन कुमार चौरसिया (उर्फ संतोष) भी शामिल थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उपकार लूथरा पहले भी नकली करेंसी और सिक्कों से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।